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मृतकों के परिजन बोले, ऑक्सीजन की कमी ने ली जान

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उन्नाव: सरस्वती मेडिकल कॉलेज के गेट के अंदर हंगामा कर रहे मृतकों के परिजनों को समझाते सुरक्षा कर् - फोटो : UNNAO
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उन्नाव। कोविड अस्पताल में भर्ती मरीजों में 11 लोगों की मौत की सूचना पर मृतकों के परिजन पहुंच गए। आक्रोशित परिजनों ने खूब हंगामा किया। आरोप लगाया कि ऑक्सीजन की कमी की वजह से उनकी परिवार के सदस्यों की मौत हो गई। उन्होंने अस्पताल प्रशासन पर इलाज में भेदभाव किए जाने का भी आरोप लगाया। मंजर ऐसा था कि हर तरफ कोहराम मचा हुआ था।
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सोशल मीडिया के जरिए जानकारी हुई तो दोपहर करीब 12 बजे उन मरीजों के परिजन भी वहां पहुंचने लगे जिनके परिवार के सदस्य का इसी कोविड अस्पताल में इलाज चल रहा था।
मृतकों के परिजनों में मुकेश, श्रीवांश, जितेंद्र आदि ने इलाज में ऑक्सीजन की कमी और इलाज में लापरवाही का आरोप लगाया। बृजेश, राकेश दिनेश व अभय ने बताया कि दो दिन से इलाज करा रहे थे। कभी बताया जाता कि तबीयत ठीक है तो कभी बताया जाता कि बिगड़ गई है। परिजनों ने मरीजों के साथ भेदभाव भी किया जा रहा है।
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सौरभ, मयंक ने आरोप लगाया कि जिले में अभी सिर्फ यही एक कोविड अस्पताल है। मरीज क्षमता से ज्यादा हैं। आक्सीजन की कमी रेमडीसिवर इंजेक्शन और स्टाफ की कमी होने से यह अव्यवस्था है।
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एक वाहन से भेजे गए कई शव
मरीजों की मौत के बाद शव वाहन में एक साथ कई शवों को रखकर भेजा गया। इस पर मृतकों के परिजनों ने नाराजगी भी जताई। हालांकि बाद में शांत हो गए।
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सिलिंडर रिफिल कराने जा रहा ट्रक हुआ था खराब
नवाबगंज। कोविड अस्पताल से बुधवार सुबह सिलिंडरों में ऑक्सीजन रिफिल कराने जा रहा ट्रक उन्नाव शहर में छोटा चौराहा के पास खराब हो गया था। चालक ने काफी प्रयास किया लेकिन ट्रक में आई खराबी ठीक न होने पर चालक ने मेडिकल कालेज को सूचना की। प्रबंधन ने दूसरी गाड़ी भेजी और सिलिंडरों को अनलोड कर कानपुर रवाना किया गया।
मृतकों के परिजनों को शक है कि इसी वजह से अस्पताल में ऑक्सीजन की चेन टूटी और कई लोगों की मौत हो गई। हालांकि मेडिकल कालेज के महाप्रबंधक मनोज सिसौदिया ने बताया कि समय पर दूसरी गाड़ी भेज दी गई थी। ऑक्सीजन समय पर आ गई थी।
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सीएमओ कैप्टन डॉ. आशुतोष कुमार ने बताया कि जिन मरीजों की मौत हुई है वह सभी उन्नाव जिले के ही रहने वाले थे। गंभीर हालत में कोविड अस्पताल में भर्ती कराया गया था। सभी मरीजों के दोनों फेफड़े निमोनिया एआरडीएस से पीड़ित थे। सभी को आईसीयू में भर्ती कराया गया था। ऑक्सीजन की कोई कमी नहीं थी। मरीजों की मौत की वजह कार्डियो रिफेंटरी अरेस्ट है। सभी के सीने में संक्रमण और जकड़न गंभीर स्तर पर पहुंच गया था।
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मेडिकल कॉलेज के महाप्रबंधक मनोज सिसौदिया ने बताया कि मरीजों के इलाज में कोई लापरवाही नहीं बरती जा रही है। बताया कि सभी मरीजों का अच्छे से अच्छा इलाज करना प्राथमिकता है। लापरवाही के आरोप निराधार हैं।
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उन्नाव: सरस्वती मेडिकल कॉलेज में मौत के बाद गेट पर हंगामा कर रहे मृतकों के परिजनों को खदेड़ते सुर?- फोटो : UNNAO

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