कानपुर। किदवईनगर एचटू ब्लॉक स्थित चंद्र गंगा अपार्टमेंट से कोरोना पॉजिटिव मरीज मिलने के बाद इलाके में रहने वाले लोगों में दहशत फैल गई। लोगों का कहना है कि हांगकांग से लौटे युवक की एक गलती ने एक दर्जन लोगों की जान खतरे में डाल दी। वहीं, साउथ में बाबूपुरवा और मछरिया के बाद अब प्रशासन ने किदवईनगर एच-टू ब्लॉक को भी हॉटस्पॉट घोषित कर दिया है।
अपार्टमेंट में रहने वाला युवक 16 मार्च को हांगकांग से लौटा था। आसपास रहने वाले लोगों ने बताया कि उस वक्त उसने अपनी जांच भी कराई थी, जिसमें रिपोर्ट निगेटिव आई थी। इसे लेकर युवक ने लापरवाही बरती और खुद को 14 दिन के लिए क्वारंटीन करने के बजाय अपने परिवार के संपर्क में बना रहा। इससे वायरस ने उनके 55 वर्षीय व्यापारी पिता को अपनी चपेट में ले लिया। बुजुर्ग का स्वास्थ्य बिगड़ने पर परिजनों ने उनकी जांच कराई तो रिपोर्ट पॉजिटिव आने के बाद परिवार सकते में आ गया। स्वास्थ्य विभाग की टीम ने व्यापारी और उसके भाई के परिवार के सात सदस्यों को क्वारंटीन किया है। इसके अलावा परिवार के संपर्क में रहे दो-तीन अन्य लोगों को भी क्वारंटीन किया गया है।
पुलिस ने घरों में रहने की अपील की
पुलिस ने अपार्टमेंट की ओर आने वाले महिला महाविद्यालय वाले रास्ते समेत सभी चार रास्तों पर बैरिकेडिंग लगाकर सील कर दिया है। इलाके से कोरोना पॉजिटिव मरीज मिलने की सूचना के बाद आसपास इलाके में हड़कंप मच गया। पुलिस ने एनाउंसमेंट कर लोगों को अपने घरों में रहने की अपील की और किसी भी आवश्यक वस्तु की पूर्ति के लिए अपना नंबर भी दिया। अपार्टमेंट को सील करने के साथ ही पूरे अपार्टमेंट और आसपास के इलाके को सैनिटाइज किया गया।
ऐसा भी हो सकता है
उर्सला अस्पताल के सीएमएस डॉ. शैलेंद्र तिवारी के मुताबिक, हो सकता है कि रोग प्रतिरोधक क्षमता मजबूत होने से पहले युवक को कोरोना का संक्रमण हल्के जुकाम-बुखार जैसा महसूस हो। बाद में व्यक्ति निगेटिव हो जाएगा और उसे पता भी नहीं चलेगा। वहीं उसके संपर्क में आए कमजोर रोग प्रतिरोधक क्षमता वाले व्यक्ति में बीमारी के लक्षण उभर आए।