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कोरोना का कहर: ओटी एक, सर्जरी डेढ़ हजार, लॉकडाउन के 90 फीसदी ऑपरेशन अभी तक अटके

Mon, 12 Jul 2021 09:49 AM IST
प्रभापुंज मिश्रा रजा शास्त्री, अमर उजाला, कानपुर
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कानपुर हैलट - फोटो : amar ujala
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कानपुर में लॉकडाउन के वक्त जिन लोगों के ऑपरेशन अटक गए थे, उनमें 90 फीसदी अभी तक परेशान घूम रहे हैं। छोटे मर्ज वाले मरीजों का काम तो किसी तरह दवाओं से चल रहा है, लेकिन गंभीर मर्ज वाले रोगियों की हालत बिगड़ रही है। ओपीडी शुरू होने पर रोगी भी आने लगे हैं, पर हैलट के सर्जरी विभाग में सिर्फ एक ओटी चल रही है।
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इसमें अधिकतम पांच-छह ऑपरेशन ही हो पाते हैं, जबकि बैकलॉग डेढ़ हजार से अधिक का है। ऐसे में सर्जरी के लिए लंबा इंतजार मरीजों की सेहत पर भारी पड़ रहा है। हैलट में एनेस्थेटिस्ट की कमी होने के कारण सर्जरी विभाग में सिर्फ एक ओटी ही चल रही है। एक ओटी में बारी-बारी तीन सर्जन अपने केस का ऑपरेशन करते हैं।

दिन भर में मुश्किल से पांच से छह सर्जरी ही हो पाती हैं, वे भी अधिक गंभीर सर्जरी नहीं होती। रोगी अभी भी वेटिंग में हैं। इसका नतीजा है कि उनका मर्ज बढ़ रहा है। कैंसर के रोगी तो चौथी स्टेज में पहुंच गए हैं, बहुत से रोगी सर्जरी के लायक ही नहीं रह गए। हैलट में नंबर न आ पाने के कारण कई रोगियों ने निजी अस्पतालों में जाकर सर्जरी करा ली है।
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लेकिन जिन रोगियों का केस गंभीर है, वे विशेषज्ञता के कारण तकलीफ झेल कर अपनी बारी का इंतजार कर रहे हैं। हैलट में सिर्फ नगर ही नहीं, कानपुर देहात, फतेहपुर, उन्नाव, औरैया, बांदा, हमीरपुर, कौशांबी, हरदोई आदि जिलों के रोगी भी ऑपरेशन के लिए आते हैं।

सर्जरी विभागाध्यक्ष डॉ. जीडी यादव ने बताया कि अभी सौ रोगियों की ओपीडी हो रही है। जितने संभव हैं, उतने रोगियों का ऑपरेशन कर दिया जाता है। रोगियों की स्थिति के लिहाज से प्राथमिकता के आधार पर सर्जरी की जा रही है। बैकलॉग अभी है, लेकिन उसे निपटाने की कोशिश की जा रही है। जिस दिन से ओपीडी शुरू हुई है, रोगियों की सर्जरी शुरू कर दी गई थी।

 
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मॉड्यूलर ओटी का इंतजार
मॉड्यूलर ओटी चालू होने के बाद सर्जरी में और तेजी आएगी। दो मॉड्यूलर ओटी में सर्जन की आठ टेबल लगेंगी। प्राचार्य डॉ. संजय काला ने कार्यदायी संस्था जल निगम को काम जल्दी पूरा करने के लिए पत्र लिखा है। कोरोना काल के कारण मॉड्यूलर ओटी का कार्य पिछड़ गया है।

अभी तक एक ओटी चल रही थी लेकिन अब दो ओटी चलेंगी। इस संबंध में आदेश जारी कर दिया है। इसके साथ ही अनेस्थेसिया विभागाध्यक्ष से बात करके तीसरी ओटी भी चालू करवाने के लिए कहा जाएगा। इससे बैक लॉग जल्दी खत्म होगा। 
डॉ. संजय काला, प्राचार्य, जीएसवीएम मेडिकल कॉलेज


केस -1
चौडगरा, फतेहपुर के रहने वाले राजेश कुमार (35) के अपेंडिक्स की तकलीफ थी। लॉक डाउन लगने के बाद डॉक्टर ने दवा लिखकर बाद में सर्जरी के लिए आने को कहा। राजेश ने बताया कि इस बीच उसकी तकलीफ बढ़ गई। दर्द बर्दाश्त नहीं हुआ तो रामादेवी के एक निजी अस्पताल में ऑपरेशन कराया। उसके 60 हजार रुपये खर्च आया है।

केस - 2
कल्याणपुर के रहने वाले विनय वर्मा (54) के गॉल ब्लैडर में स्टोन है। कोरोना काल में सर्जरी विभाग की ओपीडी में दिखाया था। ऑपरेशन के लिए कहा गया। लॉक डाउन की वजह से सर्जरी टाल दी गई। शुक्रवार को फिर ओपीडी में दिखाया था। अभी ऑपरेशन की डेट नहीं मिली है।
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