कानपुर में जबरन धर्म परिवर्तन कराने के मामलों में एसआईटी ने फंडिंग का इनपुट मिलने के बाद जूही लाल कॉलोनी और जाजमऊ के आरोपियों के बैंक खाते खंगालने शुरू कर दिए हैं। ये खाते जांच तक फ्रीज रहेंगे।
खातों में फंडिंग के साक्ष्य मिलने के बाद उन्हें फंडिंग करने वाले संगठनों का पता लगाया जाएगा। इस बारे में नोडल अधिकारी एसपी साउथ दीपक भूकर ने टीम को निर्देश दिए हैं। बर्रा से शालिनी यादव के फिजा बनने के बाद जबरन धर्मपरिवर्तन के मुद्दे ने तेजी पकड़ी।
इसके बाद कई और मामले पकड़े गए थे। सभी का कनेक्शन जूही लाल कॉलोनी से था। इसकी जांच के लिए आईजी मोहित अग्रवाल ने एसआईटी गठित की है। नोडल अधिकारी एसपी साउथ दीपक भूकर की अभी तक की जांच में कुल नौ ऐसे मामले प्रकाश में आए हैं।
टीम को जानकारी मिली कि हिंदू समुदाय की युवतियों का धर्म परिवर्तन कराने से लेकर शोषण करने या उन्हें विदेश में बेचने तक के कार्य में कोई संगठन आरोपियों को फंडिंग कर रहा है। इसी फंडिंग की वजह से आरोपी कोर्ट के सबसे महंगे वकीलों से लेकर महीनों अंडरग्राउंड रहकर खर्च वहन कर रहे हैं।