कानपुर। मंधना-अनवरगंज एलिवेटेड रेलवे ट्रैक का निर्माण कार्य इस वर्ष अक्तूबर महीने से शुरू हो सकता है। 320 करोड़ की इस परियोजना के लिए 112 करोड़ की पहली किस्त जारी कर दी गई है। सबसे पहले जरीबचौकी रेलवे लाइन और यहां बनने वाले आरओबी की जमीन के नीचे पड़ी पेयजल, बिजली, सीवर लाइन को हटाया जाएगा। साथ ही एक नए स्टेशन के लिए भूमि अधिग्रहीत की जाएगी। एक अगस्त को इसके लिए टेंडर जारी होगा।
मंधना-अनवरगंज के बीच 15.51 किमी लंबे एलिवेटेड रेलवे ट्रैक का निर्माण 2027 तक पूरा होने का लक्ष्य रखा गया है। मंगलवार को प्रशासन और रेलवे अधिकारियों ने बैठक कर इस योजना में भूमि व भवनों के अधिग्रहण की मुआवजा धनराशि, कृषि विभाग की भूमि को रेलवे को हस्तांतरित करने समेत अन्य बिंदुओं पर चर्चा की थी। सीएसजेएमयू के सामने पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी स्टेशन निर्माण के लिए भूमि अधिग्रहण के लिए भेजे गए 52 करोड़ के प्रस्ताव को सहमति भी मिल गई है। शासन ने निर्णय लिया है कि यह कार्य लोक निर्माण विभाग कराएगा। 14 अगस्त को इसके लिए टेंडर पड़ेंगे।
एलिवेटेड ट्रैक निर्माण के दौरान यातायात व्यवस्था में अवरोध रोकने के लिए कमेटी गठित की जा रही है जो सभी काम देखेगी। मंडल की विकास योजनाओं के समन्वयक नीरज श्रीवास्तव विभागों में समन्वय का कार्य देखेंगे। बैठक में बताया गया कि भूमिगत लाइनों को हटाने संबंधी सभी कार्याें को पूरा करने में करीब दो महीने का समय लग सकता है। इसके बाद निर्माण कार्य शुरू होने से पहले ट्रेनों काे डायवर्ट भी किया जाएगा। अफसरों ने बताया कि कुछ ट्रेनें मंधना से ही डायवर्ट कर दी जाएंगी। बैठक में बताया गया कि वन विभाग, जलकल, जल निगम, केस्को ट्रांसमिशन, लोक निर्माण विभाग व रेलवे अफसर संयुक्त सर्वेक्षण कर अपने काम समय से पूरे कराएंगे।
सभी क्रॉसिंगों की आंतरिक सड़कें नगर निगम या लोक निर्माण विभाग स्वामित्व के हिसाब से निर्मित होंगी। इसके लिए अभी से कार्ययोजना बनाई जाएगी। बैठक में पूर्वोत्तर रेलवे के मुख्य प्रशासनिक अधिकारी अभय गुप्ता, मुख्य अभियंता निर्माण आरके सिंह, संयुक्त विकास की उच्चस्तरीय समिति के समन्वयक नीरज श्रीवास्तव, उप मुख्य अभियंता निर्माण लखनऊ मंडल मानसी मित्तल मौजूद रहीं।