नर्वल थाने में तैनात मुंशी कांस्टेबल दिवारी लाल ने सोमवार को खुद को पेट में सूजा मारकर जख्मी कर लिया। सरकारी आवास से अस्पताल ले जाते समय उसने दोबारा चाकू के वार से खुद का घायल कर लिया। पुलिसकर्मी किसी तरह उसे हैलट लाए।
एसओ का कहना है कि हाई ब्लड प्रेशर की वजह से कांस्टेबल ने खुद को घायल किया है, जबकि चर्चा है कि काम के बोझ के चलते उसने यह कदम उठाया है।
एसओ रमाशंकर दुबे के मुताबिक कांस्टेबल दिवारी लाल इटावा का रहने वाला है। परिवार में पत्नी कुसुम और दो बेटियां हैं। पिछले ढाई साल से वह नर्वल थाने में बतौर मुंशी तैनात है और परिसर में बने सरकारी आवास में रहता है।
एसओ के मुताबिक दिवारी लाल की रविवार को नाइट ड्यूटी थी। सोमवार सुबह ड्यूटी खत्म होने पर वह कमरे पर चला गया। थोड़ी देर बाद थाने के चौकीदार हाजिरी भरवाने कांस्टेबल दिवारी लाल के कमरे गए तो वहां दिवारी को खून से लथपथ पड़ा देखा।
सूचना पर एसओ और अन्य पुलिसकर्मी मौके पर पहुंचे। अस्पताल ले जाते समय अचानक दिवारी लाल सहकर्मियों को धक्का देकर मेस में घुस गया और वहां रखे सब्जी काटने वाले चाकू से खुद को जख्मी कर लिया।
पुलिसकर्मी उसे किसी तरह हैलट लाए। जानकारी पर एसपी ग्रामीण डॉ. अनिल मिश्र और सीओ सदर ने अस्पताल पहुंच कर कांस्टेबल दिवारी लाल के हालचाल लिया।
एसओ के मुताबिक कांस्टेबल दिवारी लाल हाई ब्लड प्रेशर का मरीज है। इसी के चलते उसने यह कदम उठाया है। कुछ दिन पहले भी ब्लड प्रेशर हाई होने से वह कुर्सी से कूद गया था और जख्मी हो गया था।
कांस्टेबल को विभागीय परेशानी से इंकार किया है। वहीं पुलिसकर्मियों में चर्चा है कि थाने में तैनात एक कांस्टेबल मुंशी का लाइन में ट्रांसफर हो गया था। इसके बाद से दिवारी लाल का काम का बोझ बढ़ गया। इससे वह काफी परेशान था। इसी के चलते उसने यह कदम उठाया।