अखिलेश सरकार में पूर्वमंत्री रहे गायत्री प्रजापति (फाइल फोटो)
प्रदेश के पूर्व खनिज मंत्री गायत्री प्रजापति पर दुष्कर्म का आरोप लगाने वाली एक महिला ने अपनी दो नाबालिग पुत्रियों के अपहरण करने की रिपोर्ट दर्ज कराई है। इस मामले में जांच अधिकारी लखनऊ पुलिस की सीओ अमिता सिंह के अलावा तीन अज्ञात पर आरोप है कि उन्हे बहलाफुसलाकर मुख्यालय से लखनऊ ले गए और पूर्व मंत्री के खिलाफ मनचाहा बयान दर्ज करा लिया है।
गुरुवार को पीड़िता ने चित्रकूट कोतवाली में बताया कि पूर्व मंत्री के खिलाफ दुष्कर्म की रिपोर्ट दर्ज कराने के बाद से उसे परेशान किया जा रहा है। जिसमें लखनऊ में जांच चल रही है और उसमें 164 के बयान दर्ज होने थे। किसी काम से वह मुख्यालय स्थित अपने घर आई थी। 31 मार्च की सुबह उसकी दोनों नाबालिग पुत्रियां घर से बाजार जाने को कहकर निकली थी।
आरोप लगाया कि दोनों पुत्रियों को बाजार मार्ग पर ही जांच अधिकारी डीएसपी अमिता सिंह व तीन अज्ञात लोगों ने रोक लिया। इसके बाद दोनों को बहलाफुसला कर अज्ञात वाहन से लखनऊ ले गए। जहां कोई नशीली पदार्थ पिलाकर दुष्कर्म मामले में मनचाहा बयान दर्ज करा लिया है। इसके बाद दोनों को चित्रकूट छोड़ दिया गया।
इधर शाम तक दोनों पुत्रियों के घर न आने पर चिंता हुई तो काफी खोजबीन की गई। आस पास से लेकर परिचितों के घर फोन कर पूछताछ की लेकिन कुछ नहीं पता चला। देर शाम अंधेरा होने पर दोनों पुत्रियां अचानक घर आ गईं। कुछ देर बाद दोनों पुत्रियों ने बताया कि उन्हें सिर दर्द हो रहा है।
कुछ दवाएं देने के बाद दोनों सो गईं। इसके बाद सोकर उठने पर दोनों ने पूरी घटना की जानकारी दी। आरोप लगाया कि दोनों पुत्रियों के गायब रहने के दौरान पीड़िता को मिले सुरक्षाकर्मियों के पास लखनऊ से जांच अधिकारी अमिता सिंह का फोन भी आया था।
पीड़िता ने आरोप लगाया कि यह सब पूर्व मंत्री गायत्री प्रजापति को बचाने के लिए साजिश की जा रही है। घटना को अंजाम देने वाले तीनों अज्ञात पूर्व मंत्री गुर्गे हैं। पूरी घटना की जानकारी होने पर कोतवाली में जांच अधिकारी के अलावा तीन अज्ञात के खिलाफ अपहरण करने की रिपोर्ट दर्ज कराई है। कोतवाल सत्यपाल सिंह ने बताया कि चार पर धारा 363,506 व 218 आईपीसी के तहत रिपोर्ट दर्ज कर जांच शुरु की गई है।