कानपुर के अनवरगंज-मंधना रेल लाइन की वजह से जीटी रोड पर लगने वाले जाम से निजात दिलाने के लिए बनी रेलवे बोर्ड की कमेटी ने बिठूर-उन्नाव रेलमार्ग के लिए अपनी सहमति दे दी है। कमेटी इसका प्रस्ताव रेलवे बोर्ड को भेजेगी। मुहर लगते ही काम शुरू हो जाएगा। रेलवे बोर्ड के चेयरमैन अश्विनी लोहाने ने हाल ही अनवरगंज से मंधना तक निरीक्षण के बाद एक कमेटी बनाई थी। इसमें शामिल एनसीआर (नॉर्थ सेंट्रल रेलवे) और एनईआर (नॉर्थ ईस्ट रेलवे) के इंजीनियरों ने बैठकों में मंथन कर चार में से दो विकल्प लगभग खारिज कर दिए हैं।
दो अन्य विकल्पों में मंधना से अनवरगंज तक एलीवेटेड ट्रैक और बिठूर-उन्नाव रेलमार्ग है। एलीवेटेड ट्रैक बनाना करीब चार गुना ज्यादा महंगा है। एेसे में बिठूर-उन्नाव रेलमार्ग को इंजीनियरों ने मुफीद माना है। इस प्रस्ताव के पास होते ही फर्रुखाबाद की ट्रेनें मंधना-बिठूर-उन्नाव होते हुए कानपुर सेंट्रल आएंगी। कानपुर के लोगों को फर्रुखाबाद की ट्रेन मंधना से ही मिल जाएगी।
मंधना से बिठूर तक नई रेल लाइन का काम दिसंबर तक पूरा हो जाएगा। बिठूर से गंगा नदी पर करीब एक किलोमीटर का रेलवे पुल बनाकर ट्रैक उन्नाव के सफीपुर से जुड़ जाएगा। इंजीनियरों का आकलन है कि इसमें करीब 1300 करोड़ रुपए का खर्च आएगा। फर्रुखाबाद से लखनऊ जाने वाली ट्रेनों को इससे एक रूट मिल जाएगा। मंधना अब शहर में आ चुका है। ऐसे में इस रूट से कानपुर आने वाले यात्री मंधना में उतर सकते हैं। वहीं सफीपुर पहले से ही उन्नाव से रेलमार्ग से जुड़ा है। इसकी दूरी करीब 28 किलोमीटर है।