कानपुर। छत्रपति शाहूजी महाराज विश्वविद्यालय (सीएसजेएमयू) के समाज कार्य विभाग की ओर से सामाजिक विकास में एकरूपता का मिथक विषय पर विशेष व्याख्यान आयोजित हुआ। मुख्य वक्ता देहरादून स्थित साहस फाउंडेशन के संस्थापक एवं सामाजिक उद्यमी शहाब नकवी रहे।
उन्होंने कहा कि समाज की प्रगति का आकलन इस बात से होता है कि वह अपने सबसे कमजोर और वंचित वर्ग के साथ कैसा व्यवहार करता है। दिव्यांगता व्यक्ति की कमी नहीं, बल्कि समाज की सोच और व्यवस्था की परीक्षा है।
मुख्य अतिथि ने दिव्यांगजनों को पारंपरिक कार्यों तक सीमित न रखकर उन्हें तकनीक, एआई व उद्यमिता से जोड़ने की आवश्यकता पर बल दिया। 2011 की जनगणना के अनुसार भारत में 2.68 करोड़ और उत्तर प्रदेश में 41.57 लाख दिव्यांगजन हैं। डीन प्रो. संदीप कुमार सिंह, डॉ. अमित कुमार आदि मौजूद रहे।