कानपुर। बुढि़याघाट, जाजमऊ में नाले में गिरने से किशोरी की मौत के दूसरे दिन गुरुवार को उत्तर प्रदेश प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के क्षेत्रीय अधिकारी ने मौके पर पहुंचकर निरीक्षण किया। बताया कि यह बरसाती नाला है जिसमें जाजमऊ टीके व आसपास का सीवेज आता है। इसलिए इस नाले को सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट जा रही गहरी सीवर लाइन से जोड़ना चाहिए और एक पंपिंग स्टेशन बनाना चाहिए। इसके लिए जल निगम (ग्रामीण) को पत्र लिखा है।
उत्तर प्रदेश प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के क्षेत्रीय अधिकारी मनोज कुमार चौरसिया ने बताया कि जिस नाले में गिरकर किशोरी की मृत्यु हुई थी, वह बरसाती नाला है। इसमें करीब 100 मीटर दूर स्थित बस्ती का सीवेज भी आता है। इसके बाद बुढि़याघाट पंपिंग स्टेशन है जबकि जल निगम को इस नाले को गहरी सीवरलाइन में मिलाना चाहिए और एक पंप बनाकर उसमें पानी पहुंचाना चाहिए ताकि वहां से सीवेज एसटीपी पहुंचे। इसके लिए जल निगम ग्रामीण को पूर्व में पत्र लिखा गया था। गुरुवार को रिमाइंडर भेजा है।
हादसे का सबब बन सकते हैं खुले नाले
जाजमऊ, यशोदानगर, किदवईनगर, कल्याणपुर, बिठूर रोड, पनकी, गंगागंज, विश्वबैंक कालोनी, ग्वालटोली, खलासीलाइन आदि मोहल्लों में नाले खुले पड़े हैं। दो महीने में तीन हादसों के बावजूद नगर निगम ने नालों को नहीं ढंकवाया। इससे पुन: हादसा होने का खतरा है।