कांग्रेस रायबरेली छोड़कर कहीं से एमएलसी निकाय चुनाव नहीं लड़ेगी। रविवार को नामांकन से ठीक एक दिन पहले पार्टी ने यह फैसला लिया है।
कांग्रेस का आरोप है कि प्रदेश सरकार गुंडागर्दी और पैसे के बल मतदाताओं को खरीद रही है, इसलिए पार्टी चुनाव का बहिष्कार करेगी। बताया जा रहा है कि कांग्रेस के चुनाव से पीछे हटने की एक वजह यह भी है कि एमएलसी निकाय चुनाव में हार होती है, तो इसका नुकसान पार्टी को ज्यादा उठाना पड़ेगा।
जिला पंचायत अध्यक्ष से लेकर प्रधानी और ब्लाक प्रमुख चुनाव तक उसके एक भी प्रत्याशी नहीं जीते हैं। जिसकी वजह से उसे एमएलसी चुनाव में वोट मिलने की संभावना न के बराबर थी। सिर्फ रायबरेली से दिनेश सिंह चुनाव लड़ रहे हैं।
कांग्रेस मीडिया विभाग के चेयरमैन सत्यदेव त्रिपाठी के मुताबिक, शेष जिलों में चुनाव लड़ने या न लड़ने की जिम्मेदारी जिला अध्यक्षों पर ही छोड़ दी गई है।
उधर, शहर इकाई अध्यक्ष हरप्रकाश अग्निहोत्री ने बताया कि पीसीसी की बैठक में फैसले के अनुसार पार्टी के निकाय चुनाव प्रत्याशी विष्णुकांत मिश्रा अब 15 फरवरी को अपना नामांकन दाखिल नहीं करेंगे।
कुछ दिन पहले ही प्रत्याशी के समर्थन में पदाधिकारियों ने बैठक का चुनाव को लेकर रणनीति बनाई थी। फतेहपुर में नामांकन की तारीख भी तय कर दी गई थी। अचानक चुनाव से हटने के फैसले से स्थिति बदल गई है। अब चुनाव मैदान में भाजपा, सपा और बसपा के प्रत्याशी रह गए हैं।
भाजपा के अनिल चार्ली आज करेंगे नामांकन
कानपुर। भाजपा के एमएलसी निकाय चुनाव प्रत्याशी अनिल गुप्ता चार्ली 15 जनवरी को फतेहपुर में नामांकन करेंगे। यह जानकारी पार्टी के क्षेत्रीय अध्यक्ष बालचंद्र मिश्र ने दी है। उन्होंने बताया कि इस संबंध में एक जुलूस महाराजपुर से चलकर फतेहपुर पहुंचेगा। जिसमें सभी पदाधिकारी और कार्यकर्ता भारी संख्या में शामिल रहेंगे।