प्रदेश में
जमीन तलाश रही कांग्रेस पार्टी को एक ऐसे धमाकेदार मुद्दे की तलाश है,
जिसके दम पर वह जनता के बीच पैठ बना सके। इसके लिए जिला पदाधिकारियों से भी
सुझाव मांगे गए हैं। सूत्रों की मानें तो कांग्रेस पार्टी जिला कमेटियों
से लेकर प्रदेश इकाई तक संगठनात्मक रूप से बदलाव करने वाली है। कार्ययोजना
भी तैयार है, पर मुद्दा नहीं होने से पार्टी घोषणा करने से वह हिचक रही है।
लोकसभा
चुनाव में मिली हार के बाद पार्टी के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष राहुल गांधी
यूपी कांग्रेस की संगठनात्मक कार्यप्रणाली पर कई बार प्रश्न चिह्न उठा चुके
हैं। तब से लेकर प्रदेश प्रभारी मधुसूदन मिस्त्री केंद्र और प्रदेश इकाई
के बीच कई बैठकें कर चुके हैं। यह पूरी कवायद प्रदेश के संगठनात्मक ढांचे
में बदलाव को लेकर हुई है। अब जबकि यह प्रक्रिया पूरी हो चुकी है, तो उसकी
घोषणा नहीं हो पा रही है। कहा जा रहा है कि जिस नए संगठन को 2017 के यूपी
चुनाव के लिए माहौल बनाने की जिम्मेदारी दी जा रही है। उसको इस तरह बिना
किसी माहौल के उतारना ठीक नहीं होगा।
मुझे लगता है कि झारखंड
चुनाव परिणाम आने के बाद काफी कुछ स्थिति साफ हो जाएगी। वह पार्टी के लिए
एक बेहतर अवसर हो सकता है। वैसे भी केवल मुद्दे के लिए संगठनात्मक प्रक्रि
या को कब तक रोका जाएगा।
- राजाराम पाल, राष्ट्रीय सचिव, कांग्रेस
पार्टी
में संगठन स्तर पर क्या होने वाला है अभी कुछ तय नहीं है। प्रदेश और
राष्ट्रीय इकाई की तरफ से जो भी सिस्टम बनाया जाएगा उसकी के अनुसार पार्टी
काम करेगी। जो भी होगा, उसकी पूरी जानकारी हमें नहीं है।
- जुबैर अहमद जोनल कोआर्डिनेटर
हम
लोगों को मंडल और वार्ड स्तर तक संगठन की प्रक्रिया पूरा करने को कहा गया
है। पदाधिकारियों की पूरी सूची प्रदेश इकाई को भेजने का निर्देश हैं। इसके
बाद क्या होगा अभी कुछ तय नहीं है। जैसे ऊपर से निर्देश मिलेगा, वैसे ही
किया जाएगा।
- अभिजीत सिंह सांगा, अध्यक्ष, कांग्रेस नगर ग्रामीण