बैठक में सर्वसम्मति से प्रस्ताव पारित कर सरकार से मृतकों के परिजनों को आर्थिक सहायता देने, क्षतिग्रस्त घरों और दुकानों के पुनर्निर्माण के लिए मुआवजा देने, वाहनों और औद्योगिक इकाइयों के नुकसान का आकलन कर राहत पैकेज घोषित करने की मांग की गई। साथ ही प्रशासन से प्रभावित क्षेत्रों में त्वरित सर्वे कर राहत कार्य तेज करने को कहा गया।
कांग्रेस पदाधिकारियों ने कहा कि छोटे व्यापारी और उद्योग पहले से ही महंगाई और कच्चे माल की बढ़ती कीमतों से जूझ रहे हैं, ऐसे में इस आपदा ने उनकी स्थिति और कमजोर कर दी है। उन्होंने सरकार से संवेदनशीलता दिखाते हुए जल्द राहत पैकेज घोषित करने की मांग की। अंत में चेतावनी दी गई कि यदि शीघ्र ही मुआवजा और राहत पैकेज की घोषणा नहीं की गई, तो पार्टी जनहित में आंदोलन करने को बाध्य होगी।