शहर में चल रहे मुख्यमंत्री के ड्रीम प्रोजेक्ट और मुख्य सचिव (सीएस) स्तर के विकास कार्यों की निगरानी के लिए 11 अफसरों की फालोअप समिति गठित की गई है। ये अफसर इन प्रोजेक्टों की निगरानी कर समस्याएं दूर करेंगे। उम्मीद है कि इस कवायद से विकास कार्यों में तेजी आएगी।
‘अमर उजाला’ ने 12 जनवरी को सीएम के ड्रीम प्रोजेक्ट अधूरे होने का मामला उजागर किया था। इसके मद्देनजर शासन के निर्देश पर 11 अफसरों की फालोअप समिति 12 फरवरी को गठित कर दी गई। यह विकास कार्यों की कमियों को दूर करने का काम करेगी ताकि ये समय से पूरे हो सकें।
न्यू ट्रांसपोर्ट नगर, गोविंदपुरी के समानांतर पुल सहित शहर में मुख्यमंत्री के कई ड्रीम प्रोजेक्ट चल रहे हैं, पर इनकी रफ्तार धीमी है। इसी तरह मुख्य सचिव आलोक रंजन की तरफ से समीक्षा बैठकों में दिए गए निर्देशों के पालन में लापरवाही बरती जा रही है। इस वजह से विकास कार्य तय समय पर पूरे नहीं हो पाए हैं।