अमर उजाला के मेधावी छात्र सम्मान समारोह 2016 में सम्मानित होने वाले मेधावियों के चेहरों पर अलग ही चमक नजर आई। उनके लिए यह कभी ना भूले जाने वाले पल थे।
कानपुर। फर्म पंजीकरण के लिए अभियान पर अभियान चलाने के बाद भी वाणिज्यकर विभाग के हाथ खाली हैं। इससे नाराज कमिश्नर मुकेश मेश्राम ने अन्य विभागों में हुए रजिस्ट्रेशन का हवाला देकर जोनल अफसरों को कड़ी फटकार लगाई है। कहा है कि जिन विभागों में रजिस्ट्रेशन पंजीकरण संख्या अधिक है उनसे मदद लेकर अपने विभाग का आंकड़ा दुरुस्त करें। कमिश्नर ने सभी जोनल कमिश्नरों को खाद्य लाइसेंस एवं पंजीकरण विभाग में पंजीकृत व्यापारियों का डाटा उपलब्ध कराया है। बताया कि प्रदेश भर में कुल 3,70,895 फर्में पंजीकृत हैं। इन विभागों में ऐसे व्यापारी पंजीकृत किए जाते हैं जो खाद्य सामग्री एवं दवाओं का व्यापार करते हैं। यानी विभाग के पास फर्म पंजीकरण की संख्या कम से कम इतनी तो होनी ही चाहिए। उन्होंने जोनल अफसरों को निर्देशित किया है कि वे अपने जिले में संबंधित विभाग के अफसर से आंकड़ा जुटाएं और खंडवार अपंजीकृत व्यापारियों का पंजीकरण कराएं।
मंशा पर उठ रहे सवाल
फर्मों का पंजीकरण न बढ़ने पर विभागीय अफसरों की मंशा पर सवाल उठ रहे हैं। एडवोकेट दीपक द्विवेदी के मुताबिक, अंपजीकृत फर्मोें से हर महीने आने वाली रिश्वत की वजह से ही इनका पंजीकरण नहीं हो रहा है। यही वजह है कि वाणिज्यकर विभाग में बीते दो साल से फर्म पंजीकरण के लिए अभियान चलने के बावजूद परिणाम नहीं आ रहा।