दुष्कर्म का आरोपी कर्नल नीरज गहलोत फरार है। पुलिस की मेहरबानी ही है कि वारदात के बाद उसे पकड़ने का प्रयास नहीं किया। इसका फायदा कर्नल ने उठाया। दस दिसंबर की रात कर्नल ने वारदात को अंजाम दिया था। रात में एफआईआर दर्ज कर पुलिस हाथ पर हाथ धरकर बैठ गई। आरोपी को तत्काल गिरफ्तार नहीं किया। आराम से कर्नल ने छुट्टी ली और फरार हो गया। सोमवार को पीड़िता ने थाने में बयान दर्ज कराए। इस दौरान भी कर्नल को पकड़ने की कोई जद्दोजहद नहीं की गई।
गले नहीं उतर रहा तर्क
आमतौर पर दुष्कर्म के मामले में आरोपी की तत्काल गिरफ्तारी की जाती है। इस हाई प्रोफाइल मामले में भी पुलिस गंभीर नहीं दिखी। कर्नल की गिरफ्तारी ही नहीं, केस दर्ज करने तक में आनाकानी की। एसपी पूर्वी राजकुमार अग्रवाल का कहना है कि कभी कभी होता है कि वादी बयान में पलट जाता है। पहले पीड़िता के बयान दर्ज होने का इंतजार किया जा रहा था। ये तर्क गले नहीं उतर रहा। ऐसे में सवाल उठता है कि क्या पुलिस आरोपी कर्नल के दबाव में है।
आरोपी का ऑन है मोबाइल
वारदात को अंजाम देने के बाद भी कर्नल बेखौफ है। अभी भी उसका मोबाइल ऑन है। जब उससे संपर्क करने का प्रयास किया तो उसने कॉल रिसीव की। हालांकि उसने बातचीत नहीं की। इसके बावजूद पुलिस उसको ट्रेस कर गिरफ्तार नहीं कर रही है। इसलिए पुलिस की मंशा पर सवाल खड़े हो रहे हैं। वहीं ये भी जानकारी मिली कि छुट्टी का समय पूरा होने के बाद सोमवार को वह लौट आया है। खुलेआम घूम भी रहा है। हालांकि पुलिस अधिकारी ने इस बात की पुष्टि नहीं की है।