हमीरपुर के सुमेरपुर कस्बा सहित क्षेत्र की आरा मशीनों मेें लकड़ी का अवैध कारोबार पुलिस व वन विभाग की मिली भगत से वर्षो से संचालित है। लेकिन संचालकों की हनक के चलते किसी भी अधिकारियों ने कार्रवाई नहीं की।
हमीरपुर जिले में लकड़ी के अवैध कटान का कारोबार सुमेरपुर थानाक्षेत्र के अलावा ललपुरा, बिवांर व अन्य थानाक्षेत्रों में फैला है। संचालकाें के गुर्गे बेधड़क होकर शीशम, महुआ, आम, नीम जैसे पेड़ाें की कटान करा रहे हैं। कर्मचारी भी बबूल की जलाऊ लकड़ी बताते रहे हैं।
रविवार की रात ज्वाइंट मजिस्ट्रेट जोगेंद्र सिंह ने सुमेरपुर कस्बा और पंधरी गांव में आरा मशीनों पर छापेमारी कर लकड़ी की अवैध कटान का मामला उजागर कर दिया। पाराओझी गांव के शिवकुमार सेठी कहते हैं कि पर्यावरण को लेकर हर साल पौध लगाई जा रही है। लेकिन रखरखाव के साथ अधिकारियों की अनदेखी से हरे पेड़ों को लोग काटकर तहस नहस कर रहे हैं।
आरामशीनो में लकड़ी सप्लाई कराने के लिए कई ठेकेदार ग्रामीणों को काम पर लगाते हैं। बताया कि ललपुरा थानाक्षेत्र के कलौलीजार गांव निवासी एक ठेकदार क्षेत्र के सहुरापुर, उजनेड़ी, सिकरी, कुम्हऊपुर, मोराकांदर आदि गांवों में आम, नीम, महुआ, शीशम आदि के हरे पेड़ कटवाकर आरा मशीनों में भेजा रहा है। डीएफओ सोमधर पांड़े का कहना है कि पेड़ाें की कटान रोकने के हर संभव प्रयास किए जा रहे हैं। बताया कि जिले मेें कहीं भी लकड़ी का अवैध कारोबार होने की सूचना पर शीघ्र कार्रवाई की जाएगी। कहा कि मौदहा के आरा मशीनों में भी उन्होंने मंगलवार को छापेमारी कार्रवाई की है।