कानपुर में बीए, बीएससी, बीकॉम के रुके हुए रिजल्ट पर चारों तरफ से घिरते नजर आ रहे छत्रपति शाहू जी महाराज विश्वविद्यालय (सीएसजेएमयू) प्रशासन ने कॉलेजों पर पलटवार किया है।
विश्वविद्यालय ने 56 कॉलेजों की सूची जारी करते हुए बताया है कि इन कॉलेजों ने बीए तृतीय वर्ष की मौखिक व प्रैक्टिकल की परीक्षाओं की अंकतालिका अभी तक विश्वविद्यालय को उपलब्ध नहीं कराई हैं। इसके चलते रिजल्ट नहीं जारी हो पा रहा है।
इसमें कानपुर के डीएवी, डीबीएस और दयानंद दनकु परागा ज्ञान उदय महाविद्यालय का नाम शामिल है। हालांकि सूची जारी होते ही इस पर विवाद शुरू हो गया। डीएवी के प्राचार्य डॉ. अमित कुमार श्रीवास्तव ने कहा कि कॉलेज से बहुत पहले ही अंकतालिका विश्वविद्यालय भेजी जा चुकी हैं। कार्यालय में इसकी रिसीविंग भी है। कहा कि फर्जी तरीके से डीएवी का नाम इसमें शामिल किया गया है।
रजिस्ट्रार डॉ. विनोद कुमार सिंह ने इन सभी कॉलेजों को नोटिस जारी करते हुए पांच जून तक हर हालत में अंकतालिका उपलब्ध कराने का आदेश दिया है। कहा कि अगर कोई कॉलेज निर्धारित समय सीमा में अंकतालिका नहीं उपलब्ध कराता है तो उस पर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी। डीएवी मामले में उन्होंने कहा कि इसकी जांच कराई जाएगी। सूची डिप्टी रजिस्ट्रार से तैयार करवाई गई है। अगर त्रुटि है तो उसे संशोधित कर लिया जाएगा।
हरदोई, उन्नाव, कन्नौज के सबसे ज्यादा कॉलेज
रजिस्ट्रार डॉ. विनोद कुमार सिंह ने जिन 56 कॉलेजों की सूची जारी की है, उनमें विश्वविद्यालय से जुड़े 11 जिलों के कॉलेज शामिल हैं। इनमें से ज्यादातर हरदोई, उन्नाव और कन्नौज के कॉलेज हैं। इसके अलावा फर्रुखाबाद, औरैया, इटावा, लखीमपुर खीरी और सीतापुर के कॉलेजों के नाम हैं।
उन्होंने बताया कि तीन दिन पहले तक 376 कॉलेजों ने बीए तृतीय वर्ष की मौखिक परीक्षा और प्रैक्टिकल की अंकतालिका उपलब्ध नहीं कराई थी। शनिवार को नोटिस जारी करने के बाद 320 कॉलेजों ने दो दिनों में अंकतालिका भेज दी हैं।
इसी तरह बीएससी तृतीय वर्ष में 32, बीएससी द्वितीय वर्ष में 43, बीएससी प्रथम वर्ष में 74, बीए द्वितीय वर्ष में 361 और बीए प्रथम वर्ष में 323 कॉलेजों की प्रैक्टिकल अंकतालिका की हार्डकॉपी नहीं आई है।जिन कॉलेजों की हार्डकॉपी मिल गई उन सभी कॉलेजों का परीक्षा परिणाम वेबसाइट पर अपडेट किया जा रहा है।
शुरू किया सांकेतिक अनशन
रुके रिजल्ट को लेकर उत्तर प्रदेश सेल्फ फाइनेंस डिग्री कॉलेज एसोसिएशन के अध्यक्ष विनय त्रिवेदी ने सोमवार से सांकेतिक अनशन शुरू कर दिया। त्रिवेदी सोमवार की दोपहर करीब एक बजे विश्वविद्यालय कैंपस पहुंचे। उन्होंने दिनभर मौन व्रत भी रखा।
परीक्षा नियंत्रक से मिलकर ज्ञापन भी सौंपा। उधर छात्रों ने ऐसे अनशन और मौन व्रत पर सवाल खड़े किए। पीपीएन की छात्रा अनुष्का ने कहा कि अगर सही मायने में अनशन और मौन व्रत करना था तो प्रशासनिक भवन के बाहर बैठकर करना चाहिए था। इसमें छात्र भी उनका साथ देते लेकिन वह दिनभर कहां, कहां गए, कैसा अनशन किया किसी को मालूम ही नहीं चला।