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Kanpur News: बारिश से बढ़ी ठंड, खुले में रखा धान भीगा, किसानाें की बढ़ी मुसीबत

Fri, 01 Dec 2023 12:21 AM IST
कानपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, कानपुर
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कानपुर देहात। अचानक से बदले मौसम ने किसानों के माथे पर चिंता की लकीरें बढ़ा दी हैं। गुरुवार सुबह- सुबह कई इलाकों में बारिश हुई। सबसे ज्यादा किसान प्रभावित हुए हैं। धान खरीद केंद्रों पर बिक्री के लिए रखा किसानों का धान भीग गया। जो किसान गेहूं की बुआई के लिए खेतों की पलेवा कर चुके थे, उनकी बुआई रुक गई। हाल ही में बोई गई फसल खराब होने की चिंता किसानों को सताने लगी है।
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दोपहर में अकबरपुर मंडी परिसर में खुले में रखा कई किसानों का धान भीगा दिखा। यहां पर मौजूद अकबरपुर के किसान रामसेवक ने बताया कि उनकी तौल नहीं हुई थी। उनके साथ अन्य किसानों का धान भीग गया है। वहीं मंडी परिसर में खरीद कर रखा गया कई क्विंटल श्रीअन्न भी भीगा दिखा। यहीं स्थिति सिकंदरा, सरवनखेड़ा के कुछ केंद्रों पर दिखी। अकबरपुर में अब तक 1204 मीट्रिक टन धान डंप है। शेड फुल होने से किसान मजबूरन खुले में अपनी धान रखे हुए हैं। जिले में अब तक 52 केंद्रों पर 5845 मीट्रिक टन धान खरीदा गया है, लेकिन मिलर्स को नहीं भेजा गया है। मौसम विशेषज्ञों के अनुसार अभी दो दिन बारिश के आसार हैं। ऐसे में धान भीगा तो किसानों व अधिकारियों की परेशानी बढ़ेगी। जिला खाद्य एवं विपणन अधिकारी राघवेंद्र प्रताप सिंह ने बताया कि खरीद केंद्रों पर मौसम को देखते हुए पहले से धान व अन्य उपज तिरपाल व पन्नी से सुरक्षित करा दिया गया था। अभी तक कहीं से धान भीगने की जानकारी नहीं है।
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तीन घंटे रुक-रुकर 2.8 एमएम हुई बारिश
कानपुर देहात। हवा के साथ गुरुवार सुबह 9 बजे से शुरू हुई बूंदाबांदी का सिलसिला दोपहर 12 बजे तक तक चला। इससे अधिकतम तापमान 1.9 डिग्री सेल्सियस गिरा है। वह ठंड भी बढ़ गई है। करीब तीन घंटे रुक-रुक कर 2.8 एमएम बारिश हुई। दिन में तेज हवाएं चलने से ठंडक बढ़ी तो दोपहर बाद सड़कों पर सन्नाटा छा गया। सीएसए के कृषि मौसम वैज्ञानिक डॉ. एसएन सुनील पांडेय ने बताया कि गुरुवार को अधिकतम तापमान 22.6 व न्यूनतम तापमान 14.4 डिग्री सेल्सियस रिकार्ड किया गया है। 2.6 किलो मीटर प्रति घंटा से दक्षिण पूर्व दिशा की हवा चली। बताया कि 30 नवंबर से 1 दिसंबर तक तेज हवाओं के साथ बारिश के आसार हैं।
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गेहूं की बुआई पिछड़ी, तिलहनी, दलहनी फसलों को मिला अमृत
कानपुर देहात। बारिश से कुछ किसानों की चिंता बढ़ी है तो कुछ किसानों को बोई गई फसल के लिए यह पानी अमृत साबित हुआ है। जिला कृषि अधिकारी डॉ. उमेश कुमार ने बताया कि जिले में 124735 हेक्टेअर गेहूं की बुआई का लक्ष्य था। जिसमें से 91762 हेक्टेयर बोआई हो चुकी है। करीब 30 फीसदी बोआई शेष है। जिन किसानों ने एक दो दिन में पलेवा की थी, उन्हें खेत तैयार करने में एक सप्ताह का समय लगेगा। वहीं गुरुवार काे हुई बारिश से तिलहनी, दलहनी फसलों को फायदा पहुंचेगा। एक दो दिन में बोया गया गेहूं ज्यादा नमी होने पर खराब भी हो सकता है।
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बोले किसान : 15 दिन गेहूं की बुआई नहीं हो सकेगी
सर्दी का मौसम शुरू हो गया है। कई दिनों से बादल छाए हुए है। सर्दी में हुई पहली बारिश से किसानों की चिंताएं बढ़ा दी है। खेतों में गेहूं की फसल को बुआई करने के लिए इंतजार करना पड़ेगा। कारण खेतों में पानी भर गया है। लगभग 15 दिन गेहूं की बुआई नहीं हो सकेगी। एक बीघा खेत में बोआई कर ली थी। - राजकुमार शर्मा, किसान, किशरवल
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सबसे ज्यादा उन किसानों को परेशानी हुई है, जिनका धान भीगा है। गेहूं की एक दो दिन पहले बोआई की है। हमने दो बीघा खेत गेहूं बोने के लिए तैयार किया था, बारिश से खेत में अधिक नमी हो गई है। अब लगभग 15 दिन इंतजार करना पड़ेगा। किसान हर तरफ से परेशान है। - शंभू दयाल, किसान बिलवाहार

जलभराव से खुली व्यवस्था की पोल
रनियां। बारिश के कारण रनियां नगर पंचायत के आंबेडकर मोहल्ले में कई जगह जलभराव हो गया। यहां के लोगों ने जल निकासी के पर्याप्त इंतजाम न होने की बात कही। वहीं हाईवे की अंडर पास के नीचे व सर्विस रोड पर भी जलभराव रहा। इससे आने जाने वाले लोगों को काफी परेशानी उठानी पड़ी। अकबरपुर ओवर ब्रिज के नीचे जलभराव होने से आवाजाही करने वाले लोग परेशान दिखे।
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