कानपुर। बरसात में जलभराव की वजह बनने वाले सीओडी और मकड़ीखेड़ा नाले पक्के होंगे। गुरुवार को शासन की व्यय वित्त समिति ने 319.63 करोड़ रुपये की लागत से इन दोनों नालों को पक्का करने की परियोजनाओं को मंजूरी दी। इन कार्यों से शहर के दक्षिणी और पश्चिमी क्षेत्र से दो लाख से ज्यादा लोगों को राहत मिलेगी। अभी ये दोनों नाले कच्चे हैं।
नगर निगम ने जल निगम (नगरीय) की निर्माण इकाई सी एंड डीएस को इकाई से इन नालों को पक्का करने के लिए कार्यदायी संस्था बनाया है। सीओडी नाले को ढाई से तीन मीटर गहरा और 10 मीटर चौड़ा बनाने की अनुमानित लागत के लिए 200 करोड़ और मकड़ीखेड़ा नाले के लिए करीब 190 करोड़ का प्रस्ताव भेजा था। गुरुवार को व्यय वित्त समिति की बैठक में सीओडी नाले के लिए 161.24 करोड़ रुपये और मकड़ीखेड़ा नाले के लिए 158.39 करोड़ रुपये के प्रस्ताव मंजूर किए गए।
सी एंड डीएस के प्रोजेक्ट मैनेजर सर्वेश वर्मा ने इसकी पुष्टि की। उन्होंने बताया कि यशोदानगर बाईपास से 6.064 किलोमीटर दूर पांडु नदी तक सीओडी नाला 10 मीटर चौड़ा और ढाई से तीन मीटर गहरा आरसीसी से बनेगा। मकड़ीखेड़ा नाला कल्याणपुर-बिठूर रोड में डीपीएस काॅलेज के पास से शुरू होगा और अटल घाट के पीछे गंगा नदी के मुहाने तक पक्का बनेगा। इसकी चौड़ाई शुरुआत में ढाई मीटर होगी जो बढ़ते - बढ़ते 16 मीटर तक हो जाएगी। गहराई डेढ़ मीटर से तीन मीटर रहेगी। महापौर प्रमिला पांडेय ने बताया कि नाले पक्के होने से जलभराव के अलावा दुर्घटनाओं का भी स्थायी समाधान होगा। सीओडी नाला कच्चा है और कई स्थानों पर इसका लेवल सही न होने के कारण पानी का प्रवाह बाधित हो जाता है।
जरूरत पर लगाएं
सीओडी नाला पक्का होने से इन वार्डों के लोगों को मिलेगी राहत
नगर निगम के अनुसार इस नाले से शहर के लगभग 26 वार्डों के आंशिक क्षेत्रों का पानी निकलता है और करीब 1.35 लाख से अधिक आबादी इससे प्रभावित होती है। योजना के तहत पशुपतिनगर, यशोदानगर (पूर्वी), हंसपुरम, बिनगवां, ट्रांसपोर्टनगर, बाबूपुरवा, अजीतगंज, सब्जी मंडी किदवई नगर, जूही हमीरपुर रोड, बसंत विहार, नौबस्ता, कृष्णानगर, गांधी ग्राम, दहेली सुजानपुर, केडीए कॉलोनी, श्यामनगर, सुजातगंज, चंदारी और किदवईनगर (दक्षिण) समेत कई क्षेत्रों को जलभराव से राहत मिलने की उम्मीद है।
मकड़ीखेड़ा नाला पक्का होने से इन मोहल्लों को मिलेगी राहत
कल्याणपुर, मकड़ीखेड़ा, गुप्ता सोसाइटी, इंद्रानगर, दयानंद विहार, बैरी अकबरपुर कछार, ख्यौरा, परमियापुरवा आदि।