मामला संज्ञान में आने पर सीओ ने उक्त मोबाइल नंबर और चैटिंग की फोटोकॉपी कोतवाली चरखारी में दी। आशंका जताई कि हैकर्स भविष्य में भी अन्य धोखाधड़ी कर सकते हैं। सीओ की तहरीर पर अज्ञात के खिलाफ धोखाधड़ी व सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है।