कानपुर देहात। सिटी बसों का संचालन बंद होने से लोगों को समस्या का सामना करना पड़ रहा है। पहले जहां हर दस मिनट में बस मिल जाती थी, वहीं अब लोगों को घंटों इंतजार के बाद साधन मिल रहा है। सबसे बड़ी समस्या टुकड़ों में सफर के तौर पर सामने आ रही है। समय जाया हो रहा है। किराया भी अधिक खर्च करना पड़ रहा है।
जिले को लोगों को कानपुर आने-जाने की सुविधा के लिए 28 सीएनजी बसें संचालित हो रही थीं। इनमें रूरा होते हुए अकबरपुर से कानपुर फजलगंज तक 22 बसें चलाई जा रही थीं। जबकि अकबरपुर से कानपुर के बीच छह बसों का संचालन हो रहा था। इन बसों की मियाद पूरी होने पर रूरा से चलने वाली 18 बसों को बीते अगस्त माह में बंद कर दिया गया। जबकि बीते सितंबर माह में रूरा की चार व अकबरपुर से चलने वाली छह बसें भी बंद कर दी गईं।
यह बसें दिन में चार चक्कर लगाते हुए प्रति बस प्रति चक्कर 45 से 50 लोगों को कानपुर तक पहुंचाती व वापस लेकर आती थी। इनसे प्रतिदिन सफर करने वाले करीब आठ हजार से अधिक लोगों को समस्या का सामना करना पड़ रहा है। लोगों का कहना है कि सिटी बस चलने से बहुत सुविधा थी।
कानपुर जाने के लिए हर आधे घंटे में बस मिल जाती थी, लेकिन अब घंटों इंतजार के बाद साधन मिल रहा है। वह भी जोखिम भरा सफर रहता है। ऑटो व डग्गामार चालक सवारी को बाहर तक लटका कर बैठा लेते हैं। ऐसे में दुर्घटना होने का डर बना रहता है। पहले रूरा से कानपुर के लिए सीधे बस मिलती थी। वहीं अब रूरा से पहले अकबरपुर फिर रायपुर उसके बाद कानपुर तक पहुंचना होता है। इसमें बहुत अधिक समय लगने के साथ दोगुना अधिक किराया खर्च करना पड़ रहा है।
.................
व्यापारी व छात्रों के सामने बढ़ी समस्या
सिटी बस बंद होने से आमजन के साथ व्यापारियों व छात्रों के सामने समस्या खड़ी हो गई है। जिले के कई छात्र कानपुर पढ़ाई करने के लिए जाते हैं जो काफी हद तक सीएनजी बसों पर निर्भर थे। यह बसों से कम किराया खर्च कर समय से कॉलेज पहुंच जाते थे। वहीं जिले के व्यापारियों का भी कानपुर नगर आना जाना लगा रहता था, लेकिन बसों के बंद होने से उनका व्यापार बाधित हो रहा है। अब लोगों के पास विकल्प के रूप में ऑटो, डग्गामार मैजिक ही बचे हैं, जिससे सफर भी सुरक्षित नहीं हैं।
................
बोले लोग-
सीएनजी बसों के बंद होने से व्यापार प्रभावित हो रहा है। दीपावली त्योहार का समय नजदीक है। ऐसे में कानपुर खरीदारी के लिए आना जाना होता है। ऐसे में जाना और शाम को समय से वापसी करना संभव नहीं है। - अनू गुप्ता, व्यापारी
.................
सीएनजी बसों के बंद होने से लोगों को समस्या हो रही है। इसकी शिकायत मुख्यमंत्री पोर्टल पर की है। बसों का संचालन दोबारा से शुरू हो, इसके लिए लगातार प्रयास किया जाएगा। बस बंद होने से व्यापारी परेशान है। - लाभम गुप्ता, व्यापारी
...............
सीएसजी बस बंद होने से सभी को परेशानी हो रही है। पहले तहसील समय से पहुंच जाते थे, लेकिन बस सेवा ठप होने से अ़ॉटो व अन्य साधन से जाना पड़ रहा है। संपूर्ण समाधान दिवस में शिकायत भी की है। - विनोद सक्सेना, अधिवक्ता
...............
कानपुर के भौती स्थित पीएसआईटी से एमबीए की पढ़ाई कर रहे हैं। सिटी बस से 100 रुपये में आना जाना हो जाता था। वहीं अब बाइक से जाना पड़ रहा है। हाईवे पर बाइक से जाने में डर लगता है, लेकिन समय से पहुंचना भी जरूरी है। - अंश सिंह, छात्र
.....................
वर्जन.............
सिटी बसों की उम्र पूरी होने से इन्हें कंडम किया गया है। इनसे सफर करना यात्रियों के लिए सुरक्षित नहीं था। नई बसों के लिए निदेशालय से ट्रेडर प्रक्रिया चल रही है। बसों के उपलब्ध होते ही दोबारा से संचालन शुरू किया जाएगा। - महेश कुमार, एमडी, सिटी बस