जीएसटी लागू होने के बाद बाजारों की हकीकत परखने के लिए सरकार ने अपने दूत उतार दिए हैं। दो सौ से अधिक आईएएस व आईआरएस (भारतीय राजस्व सेवा) अफसर अलग-अलग शहरों में जाकर बाजारों की मॉनीटरिंग कर रहे हैं।
इतने ही सांसदों और विभिन्न मंत्रियों को जीएसटी के बाद की स्थिति परखने के लिए लगाया गया है। कानपुर शहर के बाजारों की हकीकत परखने का जिम्मा केंद्रीय वस्तु एवं सेवाकर विभाग के असिस्टेंट कमिश्नर चंचल तिवारी को सौंपा गया है। रेल राज्यमंत्री मनोज सिन्हा को शहर का प्रभारी बनाया गया है। वे बाजारों की नब्ज पर नजर रखेंगे।
कानपुर पर सरकार की पैनी नजर
डेमो पिक
जीएसटी लागू होने के बाद सरकार हर शहर के बाजार की स्थिति पर नजर बनाए हुए है। मीडिया रिपोर्टों, अफसरों, व्यापारियों, उद्यमियों के फीडबैक को गंभीरता से लिया जा रहा है। कानपुर उत्तर प्रदेश का प्रमुख औद्योगिक शहर व व्यापारिक राजधानी है, इसलिए यहां सरकार की खास नजर है।
व्यापारियों की नाराजगी भांपने, बाजार की हकीकत परखने व वस्तुओं की कीमत का आकलन करने के लिए चंचल तिवारी को नोडल अफसर बनाया गया है। एक दर्जन से अधिक अफसरों की टीम सोमवार से बाजारों में जाकर व्यापारी, दुकानदार और उपभोक्ताओं से बातचीत करेगी। हर बाजार की अलग रिपोर्ट तैयार होगी जो उसी दिन शासन को जाएगी। ज्वाइंट सेक्रेटरी स्तर के अधिकारी इन रिपोर्टों की समीक्षा कर आगे की रणनीति बनाएंगे। रेल राज्यमंत्री का शहर दौरा भी प्रस्तावित है। वे जल्द ही यहां अफसरों, उद्यमियों व व्यापारियों के साथ मीटिंग कर फीडबैक लेंगे।