मरीज को गोद में लेकर जाता तीमारदार
- फोटो : प्रदीप अवस्थी, अमर उजाला, कानपुर
सीएम आदित्यनाथ योगी के कानपुर हैलट में आने की संभावना यहां के मरीजों और उनके तीमारदारों के लिए परेशानी का सबब बन गई। हमेशा मछली बाजार जैसे नजर आने वाले हैलट परिसर को साफ सुथरा दिखाने के लिए पहले अस्पताल प्रशासन ने और बाद में पुलिस ने मरीजों और तीमारदारों को खूब छकाया। हद तो तब हुई जब सीओ रमेश कुमार ने मेडिकल कालेज के दोनों गेट बंद करा दिए। गेट पर एंबुलेंसों को यह कह कर रोक दिया गया कि सीएम आने वाले हैं।
अभी किसी को इंट्री नहीं मिलेगी। परेशान तीमारदार मरीजों को गोद में उठाकर इमरजेंसी के लिए भागते रहे। लंबा रास्ता होने की वजह से बीच में मरीजों को जमीन में भी रखना पड़ा। कई मरीजों को गोद में उठाकर भागते देखकर इमरजेंसी इंचार्ज एसके सिंह ने सीओ से आपत्ति जताई तो सीओ ने भी दो टूक कह दिया कि वे व्यवस्था बनाए रखने के लिए ड्यूटी कर रहे हैं।
केस हिस्ट्री-1
हरदोई की कालकापुरवा निवासी कृष्णा देवी कई दिनों से मुरारी लाल चेस्ट हॉस्पिटल में भर्ती हैं। शनिवार को तबीयत बिगड़ने पर जांच के लिए हैलट भेजा गया। इनकी एंबुलेंस को पुलिस ने मेडिकल कालेज गेट पर ही रोक दिया। बेटे ऋषिपाल ने मां की हालत का हवाला देकर मिन्नतें कीं लेकिन पुलिस नहीं मानी। आखिरकार वो मां को गोद में उठाकर भागा। इमरजेंसी के सामने आने के बाद भी उसे व्हील चेयर और स्ट्रेचर नहीं मिला। ऋषिपाल मां को गोद में उठाकर ही उन्हें अल्ट्रासाउंड सेंटर तक लेकर आए।
केस हिस्ट्री-2
बिंदकी की नन्हीं देवी दोपहर में बेहोश हुईं तो फिर होश नहीं आया। सुनील कुमार मां को बिंदकी से लेकर हैलट पहुंचे तो एंबुलेंस को गेट पर रोक लिया गया। काफी देर तक मिन्नतें करने के बाद भी पुलिस ने नहीं जाने दिया तो वह भी मां को गोद में उठाकर चल दिए। बीच में थक गए तो जमीन पर ही मां लिटा दिया। इमरजेंसी गेट पहुंचने पर उन्हें स्ट्रेचर मिल पाई।