उत्तर प्रदेश के कानपुर देहात में सिकंदरा विधानसभा सीट के उपचुनाव के लिए बीजेपी पूरी ताकत झोंकने की तैयारी बना रही है। इस सीट पर होने वाला उप-चुनाव भाजपा और सपा दोनों पार्टियों के लिए प्रतिष्ठा का विषय माना जा रहा है।
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सिकंदरा की सीट बनी है प्रतिष्ठा का विषय
सीएम योगी आदित्यनाथ, विधायक महेश त्रिवेदी
2014 के लोकसभा और 2017 के शुरुआत में हुए विधानसभा चुनाव में भाजपा ने सपा को पटकनी दी थी। इस बार निकाय चुनाव में सपा ने भाजपा को एक भी सीट नहीं जीतने दी। ऐसे में दोनों पार्टियों के लिए सिकंदरा की सीट प्रतिष्ठा का विषय बनी है। सिकंदरा को मिलाकर इटावा लोकसभा क्षेत्र में कुल चार विधानसभाएं हैं, जबकि छह नगर निकाय हैं।
विधानसभा के सत्र से छुट्टी दिला दी
सीएम योगी आदित्यनाथ, विधायक निर्मला संखवार
भाजपा किसी भी सूरत में सिकंदरा उप चुनाव में जीत हासिल करना चाहती है। यही वजह है कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अपनी पार्टी के चार विधायकों को विधानसभा के सत्र से छुट्टी दिला दी है। सत्र बुधवार से शुरू हो गया। इन सभी की ड्यूटी मतदान होने तक 24 घंटे के लिए सिकंदरा में लगा दी गई है। इन विधायकों में बिठूर के अभिजीत सिंह सांगा, किदवई नगर के महेश त्रिवेदी, रसूलाबाद की निर्मला संखवार और रनिया से प्रतिभा शुक्ला शामिल हैं।
21 दिसंबर को होगा उप चुनाव के लिए मतदान
सीएम योगी आदित्यनाथ
विधायक महेश त्रिवेदी को महानगर का विधायक होने के बावजूद सिंकदरा चुनाव में लगाने की वजह है कि वह सिकंदरा सीट से एक बार निर्दलीय प्रत्याशी के रूप में जीत हासिल कर चुके हैं। इस क्षेत्र में इनका काफी दबदबा माना जाता है। बिठूर के विधायक अभिजीत सिंह सांगा को बिठूर नगर पंचायत में जीत हासिल करने और देहात क्षेत्र में पकड़ होने की वजह से इस चुनाव में विशेष भूमिका दी गई है। उप चुनाव के लिए मतदान 21 दिसंबर को होगा।
इस बीच दूसरी पार्टियों के प्रमुख पदाधिकारी भी दौड़ लगाने लगे हैं। बुधवार को कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष राजबब्बर भी यहां पहुंचे। सूत्रों के अनुसार जल्द ही भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र नाथ पाण्डेय दुबारा यहां आने वाले हैं। कुछ दिनों पहले उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य यहां आकर जनसभा कर चुके हैं।