स्वामी रॉक क्रेशर में लगी प्रदेश की पहली डस्ट सप्रेशन मशीन
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उत्तर प्रदेश के महोबा वासियों को पत्थरों की डस्ट से निजात दिलाने की पहल की गई है। डस्ट सप्रेशन मशीन पल भर में बादल बनाकर बारिश कराएगी। जिससे हवा में तैर रहे डस्ट के कण जमीन पर बैठ जाएंगे। मशीन का प्रदर्शन रविवार को स्वामी रॉक क्रेसर बधवा में किया गया है। क्षेत्रीय प्रदूषण नियंत्रण अधिकारी निरंजन शर्मा ने बताया कि चाइना की तर्ज पर बनी मशीन डस्ट पहली मशीन है।
कस्बे में रविवार को स्वामी रॉक क्रेशर बघवा में आयोजित क्लाउड फागिंग मशीन का शुभारंभ कर क्षेत्रीय प्रदूषण अधिकारी ने कहा कि मानव जीवन अमूल्य हैं इसके साथ पर्यावरण प्रदूषण से समझौता नहीं किया जा सकता। कबरई मंडी में बढ़ते डस्ट प्रदूषण को रोकने को यह क्रेशर मालिक का अभिनव प्रयोग है जिसेे पहली बार प्रदेश में पर्यावरण संरक्षण के लिए अपनाया जा रहा है।
इस क्लाउड मशीन से क्रेशर प्लांट के कन्वेयर से निकलने वाली डस्ट के प्रदूषण धुंध से मुक्ति मिल सकेगी और वातावरण प्रदूषित नहीं होगा। हर प्लांट मालिक को इस तकनीक को अपनाना चाहिए। क्लाउड मशीन शुभारंभ के मौके पर प्लांट संचालक सौरभ शर्मा, प्रदूषण विभाग के अवर अभियंता एसपी सिंह सहित तमाम लोग मौजूद रहे।
कृत्रिम बादल बनाकर वातावरण से धूल का दबाव साफ करने वाली मशीन क्लाउड टेक यमुना विहार नई दिल्ली के प्रबंधक परिचालन अभिनव दीमान ने मशीन शुभारंभ के मौके पर बताया कि इसकी लागत 9 से 10 लाख के बीच आती है। यह 30 मीटर क्षेत्र के सराउंडिंग एरिया में घूम घूम कर सिरामिक काम करती है। इसके कृत्रिम बादल बनाने में 30 सेकेंड का वक्त लगता है। यह गंदे पानी को साफ कर काम करती है। इसमें लगे सिरामिक नोजल डस्ट के कणों को ऊपर जाने से रोककर नीचे ही बैठाने लगती है। प्रदेश में यह पहली मशीन डस्ट सप्रेशन सिस्टम के रूप में लगाई गई है।