लॉकडाउन के 57 दिन बाद गुरुवार को कपड़ों, सराफा, जूते-चप्पल, बैग, अटैची, कॉस्मेटिक्स आदि की दुकानें और शोरूम शहर भर में खुल गए। कपड़ा और सराफा के थोक बाजार भी खोले गए। कपड़ा बाजार में पहले दिन ही हलचल देखने को मिली, यहां पांच करोड़ के ऑर्डर मिले। वहीं, सराफा में सन्नाटा रहा। सराफा में पुराने सौदों के निपटाने में कारोबारियों का दिन चला गया। ईद की खरीदारी करने वाले भी आए।
हालांकि, सामान्य दिनों में यहां पर प्रतिदिन 100 करोड़ का कारोबार होता है। बाजार में पल्लेदारों की खासी कमी रही। इसके चलते कपड़ों की पैकिंग, डिलीवरी में कारोबारियों को दिक्कत आई। व्यापारी सुबह 10 बजे ही अपने-अपने प्रतिष्ठान पहुंच गए थे। साफ-सफाई और पूजा पाठ के बाद काम शुरू किया। व्यापारियों का कहना है कि ग्राहकों के आने में अभी समय लगेगा। सराफा बाजार में सबसे अधिक महिलाएं आती हैं। जो अभी नहीं निकलेंगी। जैसे-जैसे बाजार खुलते जाएंगे पुरानी रंगत दिखने लगेगी। वहीं, कोरोना से बचने के लिए दुकानों-शोरूम के बाहर सैनिटाइजर की व्यवस्था की गई है। बाजार में सभी लोग मास्क पहने थे।
बाजारों की स्थिति
बिरहाना रोड और नयागंज सराफा : शहर के सबसे बड़े थोक व फुटकर सराफा बाजार में 300 शोरूम और दुकानें हैं। यहां पर सुबह 10 बजे से पहले ही स्टाफ आ गया था। साफ-सफाई के बाद करीब 12 बजे से काम शुरू हुआ। पहला दिन होने के कारण बाजार में ग्राहक नहीं थे। दुकानों और शोरूम संचालकों ने पुराने सौदों व लेनदारी और देनदारी में पूरा दिन बिताया। इन बाजारों से शहर के स्थानीय बाजारों के अलावा अन्य जिलों को सोना-चांदी आदि सप्लाई की जाती है।
चौक सराफा और धोबी मोहाल बाजार: यहां पर छोटी-बड़ी 350 से ज्यादा सोना-चांदी की फर्म हैं। यहां अन्य जिलों का व्यापारी ज्यादा आता है। बाजार की दुकानें और शोरूम खुले रहे, लेकिन कोरोना की दहशत के चलते ग्राहक नहीं आए। कारोबारी दिन बाहर ग्राहकों का इंतजार करते रहे।
जनरलगंज और नौघड़ा कपड़ा बाजार: कई किलोमीटर तक फैले इन बाजारों में करीब दो हजार दुकानें और शोरूम हैं। इन बाजारों में बहुत अधिक भीड़ नहीं थी लेकिन कारोबारी हलचल देखने को मिली। इसी तरह काहूकोठी, रेशमवाली गली स्थित कपड़ों की दुकानों में भी हलचल रही। स्थानीय कारोबारियों ने नए आर्डर दिए। इन बाजारों में सामान्य दिनों में इतनी भीड़ रहती है कि एक साथ चार पहिया और दो पहिया वाहन निकलने में काफी समय लग जाता है। दिन भर जाम की स्थिति रहती है।
सीसामऊ बाजार: मिश्रित आबादी वाली इस बाजार में रेडीमेड के अलावा कपड़ों की सबसे अधिक दुकानें और शोरूम हैं। सराफा, जूते-चप्पल की दुकानें भी हैं। यहां पर सुबह से ही स्टाफ और व्यापारी आ गए थे। यहां भी दिन भर सन्नाटा ही रहा। कुछ दुकानों या शोरूम में ईद की खरीदारी करने वाले ग्राहक आए। अमूमन बाजार में प्रतिदिन पांच हजार से ज्यादा ग्राहक आते हैं।
लाल बंगला बाजार : कपड़े, जूता-चप्पल, शृंगार आदि दुकानें खुलीं। ईद के नजदीक होने के चलते मुस्लिम समुदाय के लोग ज्यादा खरीदारी करते दिखे। वाहनों के आवागमन के चलते जाम की स्थिति भी बनी। सराफा दुकानों में भी ग्राहक पहुंचे। बड़ी दुकानों में दुकानदार मास्क लगाए दिखे। दुकानों में सैनिटाइजर भी रखा था। वहीं, कई ठेले वाले दुकानदार मास्क नहीं लगाए थे।
शहर के अन्य बाजारों का हाल
गोविंद नगर, चावला मार्केट, गुमटी नंबर पांच, हमराज कॉम्प्लेक्स, नवीन मार्केट, सोमदत्त प्लाजा, मेस्टन रोड स्थित दुकानों और शोरूम में भी ग्राहकों का लोग इंतजार करते रहे। इसी तरह शहर के अलग-अलग हिस्सों में दुकानें जरूर खुलीं लेकिन व्यापार नहीं हुआ। व्यापारियों का कहना है कि लोगों में अभी कोरोना की दहशत है। जैसे-जैसे लोगों में डर कम होगा। व्यापार में तेजी आनी शुरू होगी।
व्यापारियों से बातचीत
सोना-चांदी और डायमंड की सबसे बड़ी खरीदार महिलाएं होती हैं। लॉकडाउन के कारण दो महीने के बाद बाजारें खुलीं हैं। अभी पुराने सौदों पर ही काम हुआ है। आगे स्थिति बेहतर होने की संभावना है। - कैलाश नाथ अग्रवाल, अध्यक्ष, श्री कानपुर सराफा कमेटी चौक
सराफा में भी कारोबारी हलचल रही। अक्षय तृतीया के ऑर्डर ही अभी पूरे किए जा रहे हैं। ईद पर सोना-चांदी की अच्छी बिक्री होती है। पहले दिन कारोबारियों के बीच आपसी कारोबार अधिक हुआ है। - रामकिशोर मिश्रा, महामंत्री, उप्र सराफा एसोसिएशन
कपड़ा बाजार में पहले ही पुराना आर्डर काफी है। अब बाजार खुलने लगे हैं। पहले दिन 12 बजे के बाद काम शुरू हो पाया। ग्राहक अधिक नहीं थे। पर, पूरा दिन पुराने काम में निकल गया। आगे बेहतर की उम्मीद कर रहे हैं। - चरनजीत सिंह सागरी, अध्यक्ष, कानपुर कपड़ा कमेटी
पल्लेदारों की समस्या बाजार में रही। पुराने आर्डर को ही कारोबारी पूरा करने में लगे रहे। करीब पांच करोड़ के नए आर्डर मिले हैं। बाजार में काम तेजी से आएगा। बाहरी कारोबारी के आने से बाजार अच्छा चलने लगेगा। बाजारों में कर्मचारियों और ट्रांसपोर्टरों के लिए प्रोफार्मा जारी किया गया है। इससे इनके आवागमन में आसानी रहेगी। ट्रांसपोर्टर प्रोफार्मा के बिना बिल्टी न बनाएं। - शेष नारायण त्रिवेदी, अध्यक्ष, नौघड़ा कपड़ा कमेटी
बाजार में पहले दिन सन्नाटा रहा। अभी लोग डरे हुए हैं। जैसे-जैसे लोगों में कोरोना की दहशत कम होगी, लोग बाजार में खरीदारी करने के लिए आने लगेंगे। -
राम बहादुर रस्तोगी, सीसामऊ बाजार