आरोपी लिपिक को गिरफ्तार कर ले जाती एंटी करप्शन टीम, शिकायतकर्ता सहायक शिक्षिका अनामिका भारती
- फोटो : अमर उजाला
यूपी के उन्नाव जिले में शिक्षिका को 19 दिन का अवकाश देने के बदले 1900 रुपये घूस ले रहे बीएसए कार्यालय के लिपिक को एंटी करप्शन टीम ने रंगेहाथ दबोच लिया। टीम लिपिक को गिरफ्तार कर शहर कोतवाली ले गई है। मुकदमा दर्ज करने की कार्रवाई चल रही है।
असोहा ब्लाक के जूनियर विद्यालय मिर्री कला की सहायक शिक्षिका अनामिका भारती ने 29 जनवरी से 16 फरवरी 2018 तक गर्भपात होने पर अवकाश के लिए खंड शिक्षाधिकारी कार्यालय में आवेदन किया था। लेकिन शिक्षिका का अवकाश स्वीकृत नहीं किया गया और अनुपस्थित मानते हुए मार्च महीने का वेतन रोक दिया गया।
15 सितंबर को शिक्षिका ने तीन महीने के लिए बाल्य अवकाश (चाइल्ड केयर लीव) के लिए आवेदन किया। बीएसए कार्यालय में शिक्षकों का अवकाश पटल देख रहे लिपिक कौशल किशोर त्रिवेदी ने 19 दिन (29 जनवरी से 16 फरवरी तक) का अवकाश स्वीकृत करने के लिए 1900 रुपये व सीसीएल (तीन महीने) के लिए 9000 रुपये मांगे। परेशान शिक्षिका ने इसकी शिकायत एंटी करप्शन कार्यालय लखनऊ में की।
योजना के मुताबिक शिक्षिका बीएसए कार्यालय पहुंची और बाबू को 1900 रुपये घूस दी....
आरोपी लिपिक को गिरफ्तार कर ले जाती एंटी करप्शन टीम
- फोटो : अमर उजाला
योजना के मुताबिक गुरुवार शाम करीब तीन बजे शिक्षिका बीएसए कार्यालय पहुंची और बाबू को 1900 रुपये घूस दी। कुछ ही देर में लिपिक ने अवकाश स्वीकृत आदेश जारी कर दिया। पहले से खड़े एंटी करप्शन टीम के सदस्यों ने लिपिक को घेर लिया। इंस्पेक्टर संजय सिंह ने लिपिक से जेब के रुपये निकालने को कहा। शिक्षिका द्वारा दिए गए 500 के तीन और 200 के दो नोट बरामद करते हुए लिपिक को हिरासत में ले लिया। इस दौरान कई लिपिक व अन्य कर्मचारी कार्यालय छोड़कर बाहर चले गए। एंटी करप्शन टीम लिपिक को गिरफ्तार कर सदर कोतवाली ले गई। टीम में जयशंकर सिंह, नीलम सिंह, जटाशंकर, सुरेश कुमार भी शामिल रहे। सदर कोतवाली प्रभारी अरुण कुमार द्विवेदी ने बताया कि इंस्पेक्टर की तहरीर पर मुकदमा दर्ज किया जा रहा है।
शिक्षिका ने बीईओ की भूमिका पर भी उठाए सवाल
सहायक शिक्षिका ने खंड शिक्षाधिकारी मृत्युंजय यादव की कार्यशैली पर भी सवाल खड़े किए हैं। शिक्षिका का आरोप है कि गर्भपात अवकाश स्वीकृत बीईओ के स्तर से होता है। टरकाने के लिए बीएसए कार्यालय फाइल भेज दी गई। कई बार की शिकायत के बाद भी अवकाश स्वीकृत पत्र नहीं दिया गया। बल्कि मार्च महीने का वेतन रोक दिया गया। वहीं बीईओ मृत्युंजय यादव ने बताया कि शिक्षिका ने जो भी आवेदन किए उस पर समय से कार्रवाई की गई है। सारे आरोप गलत है। गुरुवार दोपहर शिक्षिका बेटे की तबीयत खराब बताकर अवकाश लेकर गई थी।