यूपी सरकार और अमर उजाला के प्रयास से विशेष जागरूकता कार्यक्रम 'गांव की सरकार है प्रधान'
Sun, 14 Oct 2018 04:01 PM IST
यूपी डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
सार
- स्वच्छता जागरुकता कार्यक्रम में प्रधानों से कहा गया सफाई के प्रति ग्रामीणों को करें जागरूक
- शत-प्रतिशत ग्रामीण शौचालयों का करें उपयोग इसके लिए भी करें प्रेरित
- ओडीएफ और सफाई के लिए अच्छा काम करने वाले प्रधान, एनएसएस और एनसीसी कैडेट हुए सम्मानित
उत्तर प्रदेश सरकार एवं अमर उजाला के संयुक्त प्रयास से कानपुर के चंद्रशेखर आजाद कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय में स्वच्छता जागरुकता कार्यक्रम हुआ। कार्यक्रम में आए कई गांवों के प्रधानों से कहा गया कि वे ग्रामीणों को स्वच्छता के प्रति जागरूक करें। सरकार ने शौचालय तो बनवा दिए हैं, शत-प्रतिशत ग्रामीण शौचालयों को इस्तेमाल करें, इसके लिए प्रधान उन्हें प्रेरित करें। प्रधान गांव की सरकार है, अपने-अपने गांव को साफ-सुथरा रखने की जिम्मेदारी उन्हीं की है। गांवों को खुले से शौच मुक्त (ओडीएफ) कर प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री का संकल्प पूरा करने में सहयोगी बनें। अंत में गांवों में अच्छा काम करने वाले प्रधानों, राष्ट्रीय सेवा योजना (एनएसएस) और एनसीसी के कैडेट भी सम्मानित किए गए।
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कृषक सभागार में हुए कार्यक्रम में महापौर प्रमिला पांडेय ने कहा कि महिला प्रधानों के पति उन्हें अपने दायित्व समझने दें। मदद करें लेकिन काम उन्हीं से कराएं। प्रधानों को सरकार बहुत सुविधाएं दे रही है। गांव में ज्यादा से ज्यादा विकास कराएं और उन्हें स्वच्छ बनाएं। स्वच्छता अभियान पर अफसर भी मेहनत से काम कर रहे हैं, इसलिए गांवों को साफ-सुथरा बनाने का यह मौका जाने न दें। जिलाधिकारी विजय विश्वास पंत ने कहा कि प्रधानों ने शौचालय बनवाने में जिस तरह मदद की है, अब उसी तरह ग्रामीणों को उसके प्रयोग की आदत डलवाएं।
शुरुआत में पोलियो ड्राप पिलाने का भी विरोध होता था। बाद में लोगों ने इसकी उपयोगिता समझी और देश पोलियो मुक्त हुआ। प्रधान स्कूलों में बच्चों को शौचालय में ही शौच करने की आदत डलवाएं। मुख्य विकास अधिकारी अक्षय त्रिपाठी ने कहा कि स्वच्छता तो समाज का हिस्सा है। इसके बाद भी प्रधानमंत्री को अभियान शुरू करने की जरूरत पड़ी। स्वच्छता के प्रति हमें सकारात्मक सोच बनानी होगी। नगर आयुक्त संतोष कुमार शर्मा ने कहा कि स्वच्छता मिशन से देश में नई क्रांति आई है।
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जागरुकता से ही किसी गांव, कस्बे या शहर को खुले से शौच मुक्त किया जा सकता है। उन्होंने कूड़ा प्रबंधन के तरीके बताए। कल्याणपुर ब्लॉक के ग्राम विकास अधिकारी ने गांवों को खुले में शौच मुक्त करने के अनुभव भी साझा किए। कार्यक्रम में जिला पंचायतीराज अधिकारी डॉ. निरीश चंद्र साहू, समन्वयक संदीप निगम, डीएवी के एनएसएस कार्यक्रम अधिकारी डॉ. राजीव कुमार, मनीष कटियार आदि मौजूद रहे।