फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

क्लैट 2019: ऑफलाइन होगी परीक्षा, एेसे करें आवेदन

Sun, 21 Oct 2018 01:14 PM IST
एजुकेशन डेस्क, अमर उजाला, कानपुर

सार

- पिछले साल हुई ऑनलाइन परीक्षा में छात्रों ने की थी तकनीकी दिक्कतों की शिकायत
- क्लैट से पांच साल के विधि पाठ्यक्रम और मास्टर कोर्स में होता है दाखिला
- इस बार 12 मई को है प्रवेश परीक्षा, ऑनलाइन आवेदन जनवरी से
 
विज्ञापन
डेमो पिक
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

कॉमन लॉ एडमिशन टेस्ट (क्लैट) 2019 का आयोजन इस बार ऑनलाइन न होकर ऑफलाइन होगा। पिछले साल 13 मई को हुई ऑनलाइन परीक्षा में छात्रों ने तकनीकी दिक्कत आने की शिकायत की थी। इस कारण नेशनल लॉ यूनिवर्सिटी कंसोर्टियम ने यह फैसला लिया है।
विज्ञापन


कंसोर्टियम ने यह भी तय किया है कि एलएलएम के लिए होने वाले क्लैट में अब सब्जेक्टिव प्रश्न भी पूछे जाएंगे। इससे एलएलबी कर चुके छात्रों की समझ को परखा जा सकेगा। नेशनल लॉ यूनिवर्सिटी कंसोर्टियम सभी नेशनल यूनिवर्सिटी की एक तरह से संचालन कमेटी है। 

इस बार क्लैट का आयोजन 12 मई 2019 को होना है। जनवरी के पहले सप्ताह से ऑनलाइन आवेदन शुरू हो जाएंगे। परीक्षा को लेकर तैयारियां शुरू हो गई हैं। परीक्षा इस बार नेशनल लॉ यूनिवर्सिटी ओडिसा की तरफ से कराई जा रही है।
विज्ञापन

डेमो पिक
एलएलएम की प्रवेश परीक्षा के लिए क्लैट की एग्जिक्यूटिव कमेटी सब्जेक्टिव प्रश्न तैयार करेगी। प्रश्नपत्र की क्वालिटी में सुधार करने के लिए क्वेश्चन बैंक भी तैयार किया जाएगा। क्लैट एलएलएम 2017 के टॉपर रहे शहर के प्रणव त्रिपाठी बताते हैं कि इस बदलाव से ग्रामीण क्षेत्र के युवाओं को राहत मिलेगी।

देश के 19 राष्ट्रीय विश्वविद्यालयों में मिलता है दाखिला
क्लैट पास करने वाले छात्रों को देश के 19 राष्ट्रीय विधि विश्वविद्यालयों में पांच वर्षीय विधि पाठ्यक्रम में दाखिला मिलता है। इसके अलावा एलएलएम (मास्टर कोर्स) करने वालों को भी प्रवेश दिया जाता है। 43 अन्य शिक्षण संस्थान हैं जो क्लैट के स्कोर पर अपने यहां दाखिला देते हैं।
विज्ञापन

डेमो पिक
छात्रों की संख्या के आधार पर तय होंगे केंद्र
कंसोर्टियम ने परीक्षा के लिए आने वाले आवेदनों की संख्या के आधार पर परीक्षा केंद्र बनाने का फैसला लिया है। क्लैट के संयोजक और एग्जिक्यूटिव कमेटी को इस पर फैसला लेने के लिए छोड़ा गया है।

ऐसा होता है पेपर पैटर्न
स्नातक और परास्नातक दोनों की परीक्षा दो घंटे की होती है। स्नातक क्लैट का प्रश्न पत्र 200 अंकों का रहता है, जबकि परास्नातक में 150 अंकों के सवाल पूछे जाते हैं। प्रत्येक गलत उत्तर के लिए 0.25 अंक काटे जाते हैं। 
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें