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Kanpur News: आईआईटी प्रोफेसरों, पीएचडी छात्रों के नोट्स से पढ़ेंगे दसवीं के छात्र, वीडियो यूट्यूब किए अपलोड

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आईआईटी में आयोजित कार्यक्रम में मौजूद शिक्षक व अतिथि। - फोटो : संस्थान
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कानपुर। अब आईआईटी कानपुर के प्रोफेसरों और पीएचडी छात्रों की ओर से बनाए नोट्स की मदद से यूपी बोर्ड 10वीं के छात्र गणित और विज्ञान की पढ़ाई कर सकेंगे। इसके लिए आईआईटी के रोजी शिक्षा केंद्र की ओर से यूट्यूब पर वीडियो अपलोड किए गए हैं।
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आईआईटी में बुधवार को हुए समारोह में लेक्चर सीरीज का शुभारंभ ऑनलाइन माध्यम से किया गया। आने वाले समय में नवीं, 11वीं और 12वीं के छात्रों के लिए भी वीडियो अपलोड किए जाएंगे। उद्घाटन समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में आईआईटी निदेशक प्रो. मणींद्र अग्रवाल, विशिष्ट अतिथि के रूप में समग्र शिक्षा माध्यमिक के एडिशनल स्टेट प्रोजेक्ट निदेशक विष्णुकांत पांडेय सहित अन्य मौजूद रहे।

प्रोजेक्ट को लीड कर रहे प्रो. संदीप संगल ने कहा कि आर्थिक रूप से कमजोर छात्रों के लिए आईआईटी के रोजी शिक्षा केंद्र ने यूट्यूब पर गणित और विज्ञान की लेक्चर सीरीज की शुरुआत की है। संस्थान के पीएचडी छात्रों और शिक्षकों ने दो साल की कड़ी मेहनत के बाद इसे तैयार किया है। अभी तक गणित के 61 और विज्ञान के 72 अध्याय के कई वीडियो को अपलोड किया जा चुका है। 24 फरवरी से शुरू हो रही बोर्ड परीक्षाओं के लिए यह सीरीज लाभकारी होंगी।
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एनसीईआरटी के आधार पर तैयार सभी वीडियो हिंदी में बने हैं ताकि छात्रों को परेशानी न हो। यह नि:शुल्क हैं और छात्र के साथ विद्यालय भी इसका इस्तेमाल कर सकते हैं। विद्यालय चाहे तो स्कूलों के स्मार्ट बोर्ड पर इसका संचालन कर सकते हैं। अभी तक दोनों विषयों के 150 से अधिक वीडियो अपलोड किए जा चुके हैं।

विष्णु पांडेय ने कहा कि संस्थान की पहल काफी अच्छी है। इससे निश्चित ही छात्रों को लाभ होगा। प्रदेश के 757 स्कूलों में स्मार्ट बोर्ड लग चुका है। जुलाई 2025 तक सभी स्कूलों में स्मार्ट बोर्ड होंगे। इनकी मदद से कक्षा के समय भी लेक्चर सीरीज का लाभ मिल सकेगा।

रोजी शिक्षा केंद्र से जुड़ीं रीता सिंह ने कहा कि अभी केवल 10वीं के छात्रों के लिए इस सीरीज की शुरुआत हुई है। आने वाले समय में अन्य कक्षाओं के लिए भी इसे शुरू किया जाएगा। निदेशक प्रो. मणींद्र अग्रवाल ने कहा कि संस्थान के छात्रों की मदद से अब शिक्षा सभी के लिए आसान होगी। छात्रों को उन्हीं की भाषा में सिखाया जाएगा। हिंदी में व्याख्यान होने पर किसी छात्र को परेशानी नहीं होगी।
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