ताखा (इटावा)। कस्बा क्षेत्र में मंगलवार को असिस्टेंट कमिश्नर फूड एक मिठाई की दुकान पर नमूना लेने पहुंचे। इस दौरान कमिश्नर और मिठाई विक्रेता के बीच तीखी झड़प हो गई। व्यापारी ने कमिश्नर पर मारपीट का आरोप लगाया है। इससे नाराज व्यापारियों ने कमिश्नर व उनके साथ आईं गाड़ियों को घेर लिया। सूचना पर पहुंची पुलिस ने दोनों पक्षों को थाने बुलाया लेकिन कमिश्नर की ओर से कोई नहीं पहुंचा। वहीं मिठाई विक्रेता ने कमिश्नर के खिलाफ थाने में तहरीर दी है।
व्यापारी राजीव ने पुलिस को बताया कि मंगलवार दोपहर को असिस्टेंट कमिश्नर फूड राजेश द्विवेदी अपनी कार व दो अन्य प्राइवेट गाड़ियों के साथ ऊसराहार तिराहे पर स्थित उनकी दुकान पर पहुंचे। वह उस समय पैसे फुटकर कराने के लिए पास की दुकान गए हुए थे। जब लौटे तो देखा कि कमिश्नर काउंटर से मिठाई निकाल रहे हैं। इस पर उन्होंने कमिश्नर का परिचय पूछ लिया। व्यापारी का आरोप है कि इससे असिस्टेंट कमिश्नर नाराज हो गए और उन्हें थप्पड़ मार दिया। सरे बाजार इस घटना से व्यापारियों में आक्रोश फैल गया। व्यापार मंडल अध्यक्ष रवि चक्रवर्ती, अनिल कौशल सहित तमाम व्यापारी मौके पर पहुंच गए।
व्यापारियों का आरोप था कि नमूना लेने के बाद अधिकारी को व्यापारी के साथ मारपीट करने का कोई अधिकार नहीं। नाराज व्यापारियों ने अस्सिटेंट कमिश्नर व उनके साथ आईं गाड़ियों को घेर लिया और उन्हें थाने ले चलने की जिद करने लगे। सूचना पर ऊसराहार थाना पुलिस भी मौके पर पहुंच गई। पुलिस ने भी उनसे थाने चलने के लिए कहा। इसपर वह थाने जाने को राजी हो गए और व्यापारी गाड़ियों के सामने से हट गए। व्यापारियों का आरोप है कि असिस्टेंट कमिश्नर मौके से थाने जाने की बात कहकर चले गए लेकिन थाने नहीं पहुंचे। इससे नाराज व्यापारी थाने पहुंच गए और पीड़ित ने थाने में मारपीट की इस घटना की तहरीर दी।
व्यापारी नेताओं ने खाद्य विभाग के अधिकारियों पर आरोप लगाया कि त्योहार आते ही विभाग सक्रिय हो जाता है और व्यापारियों का दोहन करता है। व्यापार मंडल जिलाध्यक्ष संतोष चौहान ने कहा कि व्यापारी को पीटने का हक किसी को नहीं है। पूरे मामले में कार्यवाही को लेकर बुधवार को वे लोग प्रशासन से भी इसकी शिकायत करेंगें। वहीं इस संबंध में असिस्टेंट कमिश्नर फूड राजेश द्विवेदी ने बताया कि ऊसराहार में एक स्थान पर चेकिंग के लिए गए थे, जिसके बाद दुकानों पर रेडीमेड मिठाई की जांच के लिए नमूना लिया गया। व्यापारी के साथ मारपीट करने का आरोप पूरी तरह से निराधार है।