पुलिस से नौंकझोक करते भाजपाई नेता
कन्नौज कलक्ट्रेट में शनिवार को खनन के ठेके के लिए ठेकेदारों में जबरदस्त विवाद हो गया। ठेकेदार नौशाद पर भाजपा नेताओं ने जानलेवा हमले का प्रयास किया। पुलिस ने जब उन्हें ऐसा करने से रोकने का प्रयास किया तो नोकझोंक शुरू हो गई।
इसके बाद शासन ने सख्त रुख अख्तियार किया और लाठिया भांजनी शुरू कर दी। यहीं नहीं इसके बाद एसपी के नेतृत्व में पुलिस टीमों ने रात में भाजपा नेताओं और कार्यकर्ताओं की गिरफ्तारी के लिए छापेमारी की। आरोपी घरों से नदारद थे।
जानकारी के मुताबिक शनिवार को 9 घाटों पर बालू खनन के लिए टेंडर होना था। जिसमें लखनऊ के ठेकेदार नौशाद ने भी ऑनलाइन टेंडर फॉर्म भरा था। इसी ठेकेदार को लेकर टेंडर खोले जाने के दौरान जमकर हंगामा हुआ।
शनिवार रात आईजी आलोक सिंह, डीएम जगदीश प्रसाद व पुलिस अधीक्षक हरीश चंदर के बीच बैठक हुई। सुबह तक आरोपियों के सरेंडर न करने पर अपर पुलिस अधीक्षक केशव चंद्र गोस्वामी के नेतृत्व में तीन पुलिस टीमों ने पांच नेताओं के परिजनों को हिरासत में ले लिया।
ये है पूरा मामला...
बालू खनन के टेंडर को लेकर शनिवार को कलक्ट्रेट सभागार में विड जमा होनी थी। इसके बाद टेंडर खोले जाने थे। जैसे ही भाजपा नेताओं को पता चला कि टेंडर प्रक्रिया में लखनऊ का एक ठेकेदार भी शामिल होने आ रहा है वे लामबन्द हो गए। लखनऊ के ठेकेदार को देखते ही भाजपाइयों ने हंगामा शुरू कर दिया।
लोगों ने किया हंगामा
टेंडर प्रक्रिया में लखनऊ के ठेकेदार नौशाद अली अपने चार साथियों के साथ कलक्ट्रेट पहुंचे थे। उनको देखते ही कलक्ट्रेट परिसर में मौजूद भाजपा नेता भड़क गए और उनके साथ मारपीट का प्रयास किया। किसी प्रकार वह अपनी कार में सवार होकर वहां से निकल गए। वह सदर कोतवाली क्षेत्र के मानिमऊ पुलिस चौकी के सामने पहुंचे तो उनकी कार का पीछा करते हुए कुछ युवक पहुंच गए और घेर कर उनके साथ मारपीट कर दी।
पुलिस ने क्या कहा
सूचना मिलते ही सौरिख थाने के थाना दिवस में मौजूद डीएम जगदीश प्रसाद और पुलिस कप्तान हरीश चन्दर मौके पर पहुंच गए। डीएम ने कहा कि लखनऊ के ठेकेदार को जिस तरह से रोकने का तरीका गलत था। उसको टेंडर नहीं डालने दिया इसके लिए आरोपियों पर कार्रवाई की जाएगी।