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Kanpur News: रणजी टीम में जगह के लिए तरस रहे शहर के क्रिकेटर

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कानपुर। शहर में अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम, कई क्रिकेट अकादमी और सालभर चलने वाली क्रिकेट लीग की भरमार है। इसके बावजूद कानपुर के युवा क्रिकेटर उत्तर प्रदेश की रणजी टीम में जगह नहीं बना पा रहे हैं। वर्ष 2020 के बाद से शहर का कोई भी खिलाड़ी टीम में स्थान बनाने में कामयाब नहीं हुआ। पूर्व क्रिकेटर इसके पीछे अभ्यास, धैर्य की कमी और रणजी को गंभीरता से नहीं लेना कारण मान रहे हैं।
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कई वर्ष पहले तक उत्तर प्रदेश की रणजी टीम में कानपुर के सात से आठ खिलाड़ी नजर आते थे। इनमें बल्लेबाज, गेंदबाज और ऑलराउंडर अपनी प्रतिभा के दम पर टीम का हिस्सा बनते थे। ग्रीनपार्क मैदान पर होने वाले रणजी मुकाबलों में स्थानीय खिलाड़ियों को खेलते देखना आम बात थी। अब स्थिति यह है कि घरेलू क्रिकेट में लगातार सक्रिय रहने के बावजूद शहर के खिलाड़ियों की रणजी टीम तक पहुंच सीमित हो गई है। यहां वर्षभर विभिन्न आयु वर्ग और ओपन कैटेगरी की कई क्रिकेट लीग होती हैं। बड़ी संख्या में क्रिकेट अकादमी भी खिलाड़ियों को प्रशिक्षण दे रही हैं। अब प्रदेश की टीम में चयन न होना चिंता का विषय है।
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खिलाड़ियो ने बनाई थी जगह
गोपाल शर्मा, शशिकांत खांडेकर, राहुल सप्रू, सर्वेश मल्होत्रा, मुकेश पांडेय, सतीश जायसवाल, पंकज तिवारी, गौरी मजिद, हसीन अहमद, अमित मिश्रा, अंकित राजपूत, अलमास शौकत समेत अन्य खिलाड़ियों ने यूपी रणजी टीम में जगह बनाई थी। 2020 में अंकित राजपूत के बाद से कोई भी खिलाड़ी रणजी टीम में स्थान नहीं बना सका है।
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बोले पूर्व खिलाड़ी
केवल लीग और अकादमियों की संख्या बढ़ना पर्याप्त नहीं है। पहले हॉस्टल से ही काफी खिलाड़ी रणजी में स्थान बनाते थे। वर्तमान में खिलाड़ी गंभीर होकर अभ्यास नहीं कर रहे हैं। यहां स्थान न मिलने पर खिलाड़ी अन्य शहरों में जाकर खेल रहे हैं।
- गोपाल शर्मा, अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ी

वर्तमान में खिलाड़ियों में धैर्य की कमी है। रणजी देश की बड़ी ट्रॉफी है। इसका दबाव भी अधिक होता है। रणजी में बेहतर करने के लिए खिलाड़ी को अंडर-19 से ही इनिंग क्रिकेट में अधिक फोकस करना चाहिए।
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- शशिकांत खांडेकर, पूर्व क्रिकेटर
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