कानपुर। सेवानिवृत्त सहायक निदेशक उद्योग को आठ दिन तक डिजिटल अरेस्ट रखकर 57 लाख रुपये हड़पने के मुख्य आरोपी सीआईएसएफ जवान दाउद अंसारी को पुलिस ने राउरकेला में गिरफ्तार कर लिया है। टीम उसे शहर ला रही है। डिजिटल अरेस्ट की इस वारदात के मास्टर माइंड सीआईएसएफ जवान दाउद अंसारी राउरकेला में तैनात था।
रामबाग निवासी भैरव प्रसाद पांडेय सेवानिवृत्त सहायक निदेशक उद्योग और उनकी पत्नी सेवानिवृत्त प्रवक्ता मीना पांडेय को साइबर ठगों ने 10 अप्रैल से 18 अप्रैल तक डिजिटल अरेस्ट रखा था। आरोपियों ने पुलवामा आंतकी हमले के मुख्य आरोपी के खाते में 70 लाख रुपये भेजने का आरोप लगा धमकाया था। इससे डरकर पीड़ित दपंती ने कई बार में 57 लाख आरोपियों के बताए खातों में ट्रांसफर कर दिए। बाद में ठगी का पता चला तो ऑनलाइन साइबर क्राइम पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराई थी। पुलिस ने जवाहर नगर निवासी जय प्रकाश, उसके चचेरे भाई रायपुरवा के विनय प्रताप सिंह, भांजे पुराना सीसामऊ निवासी शुभांकर सिंह और विक्रम सिंह को पकड़ा और उसके बाद झारखंड के बोकारो निवासी फील्ड क्यीरी वीरमऊ निवासी राजू ठाकुर को गिरफ्तार किया था। आरोपियों ने ओडिसा के राउरकेला में सीआइएसएफ में तैनात सिपाही दाउद अंसारी को सरगना बताया था । साइबर थाना प्रभारी सतीश चंद्र ने बताया कि आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया है। (संवाद)