संवाद न्यूज एजेंसी
रनियां (कानपुर देहात)। औद्योगिक क्षेत्र रनियां के खानचंद्रपुर के पास डंप क्रोमियम कचरा उठने के बाद दूसरे चरण में डंप स्थल पर मिट्टी को ट्रीटमेंट (उपचारित) किया जाएगा। मिट्टी को किसी तरह से उपजाऊ व क्षेत्र को क्रोमियम मुक्त किया जाए। इसके लिए तीन आईआईटी व रिचर्स इंस्टीट्यूट से प्रस्ताव मांगा गया है। जल्द ही इनके प्रस्ताव आने पर आगे की तैयारी शुरू की जाएगी।
खानचंद्रपुर में कई वर्षों से डंप रहा क्रोमियम क्षेत्र के लोगों के लिए नासूर बन गया। इसकी वजह से जहां आस-पास का वातावरण दूषित हुआ, वहीं खानचंद्रपुर व उसके मजरों का भूजल दूषित हो गया है। लोग तरह तरह की बीमारियों के शिकार हुए।
इतना सब कुछ हो जाने के बाद भी जिम्मेदार पूरी तरह से संजीदा नजर नहीं आए। इसकी वजह से क्रोमियम डंप रहा और लोगों को समस्या से निजात नहीं मिल सकी। एनजीटी की सख्ती व कई शोष संस्थाओं ने चिंता जताई तो सरकार भी गंभीर हुई। अब जाकर क्रोमियम उठाने के साथ ही डंप स्थल को ट्रीटमेंट कर उपजाऊ बनाने पर पहल शुरू हुई है।
क्षेत्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड अधिकारी मनोज कुमार ने बताया कि लखनऊ मुख्यालय से आईआईटी कानपुर, आईआईटी दिल्ली, आईआईटी रुड़की व नेशनल इनवायरमेंट इंस्टीट्यूट रिसर्च नागपुर को पत्र लिखा गया है। इन चारों संस्थानों से मिट्टी उपचार का कार्य कैसे किया जाएगा। साथ ही कितना खर्च आएगा, इन सब बातों की जानकारी पूरी प्रोजेक्ट रिपोर्ट के साथ मांगी गई है। इन संस्थानों से रिपोर्ट आने के बाद मिट्टी को उपचारित करने की तैयारी कराई जाएगी।