कानपुर। शहरवासियों के खून में क्रोमियम और मरकरी की मात्रा तय सीमा से अधिक पाई जा रही है। जुलाई से लेकर अब तक डेढ़ हजार से ज्यादा लोगों के खून के नमूने लिए जा चुके हैं। इनमें से करीब 1350 (90 प्रतिशत) लोगों के खून में क्रोमियम और करीब 900 (60 फीसदी) लोगों के खून में मरकरी की मात्रा अधिक पाई गई है। बीते सप्ताह फिर 123 लोगों के खून के नमूने जांच के लिए भेजे गए हैं। इनकी जांच रिपोर्ट आनी है। इस समस्या के मद्देनजर एम्स से दो डॉक्टरों की टीम भी दौरा कर चुकी है। जल्द ही एम्स निदेशक की ओर से इस समस्या से बचने के संबंध में दिशा निर्देश जारी होंगे।
क्रोमियम और मरकरी कैंसरकारी, किडनी व लिवर फेल करने वाले तत्व हैं। स्वास्थ्य विभाग जून माह से रूमा, जाजमऊ, तेजाब मिल, राखी मंडी, नरैयाखेड़ा और पनकी इंडस्ट्रियल एरिया में शिविर लगाकर लोगों के खून की जांच करा रहा है। विभाग की ओर से जून में 331 लोगों के रक्त के नमूने लिए गए थे। इनमें से 328 लोगों में क्रोमियम और 12 लोगों के खून में मरकरी पाई गई थी। विभाग के अनुसार 90 प्रतिशत लोगों के खून में क्रोमियम तय सीमा से ज्यादा है। अब एम्स ने अपने डॉक्टरों की टीम को शहर भेजा। टीम ने इन सभी छह जगह स्थानों पर जाकर आंकड़े जुटाए। टीम ने सभी विभागों में जाकर लोगों से मुलाकात की। शुक्रवार को टीम एम्स लौट गई।
सीएमओ डॉ. हरिदत्त नेमी ने बताया कि अब एम्स निदेशक इस संबंध में एडवाइजरी तैयार कर बताएंगे कि आगे क्या करना है। एसीएमओ डॉ. यूबी सिंह ने बताया कि शरीर में क्रोमियम 1.4 और मरकरी 20 माइक्रॉन ग्राम / एमएल से ज्यादा नुकसान कर सकता है।
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नर्वस सिस्टम पर असर करती है क्रोमियम और मरकरी की बढ़ी मात्रा
जीएसवीएम मेडिकल कॉलेज के मेडिसिन विभाग के प्रोफेसर डॉ. विशाल गुप्ता ने बताया कि शरीर में क्रोमियम और मरकरी की बढ़ी हुई मात्रा नर्व सिस्टम के लिए बहुत खतरनाक होती है। इससे न्यूरोपैथी हो जाता है और शरीर की सभी नर्व खराब होने लगती हैं। इससे स्किन कैंसर भी होता है। क्रोमियम शरीर में खून बनाना कम कर देता है। ये भी नर्वस सिस्टम पर असर करता है। इससे लिवर और किडनी फेल हो जाती है। ब्रेन के लिए भी खतरनाक होता है। मरकरी एक जहरीली भारी धातु होती है।
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