इसके बाद दोनों को अलग किया। घटना को लेकर लोगों के जुटने और माहौल बिगड़ने की आशंका पर पुलिस वहां से चली गई। बाद में महिला पुलिस गांव पहुंची और चौकी इंचार्ज से भिड़ने वाली महिला को पकड़ कर कोतवाली ले गई।
मामले में शिवम के छोटे भाई विवेक ने बताया कि पुलिस कार्रवाई का दबाव बनाकर 50 हजार रुपये की मांग कर रही थी। कई दिन से चौकी इंचार्ज गांव आकर रुपये की मांग कर रहे थे। मांग पूरी न होने पर अभद्रता करने लगे जिसको लेकर विवाद हो गया।
आरोप लगाया कि भाभी के साथ भी चौकी इंचार्ज ने अभद्रता की। चौकी इंचार्ज ने बताया कि सिपाही से पूर्व में हुई कहासुनी को लेकर वह शिवम को समझा रहे थे। तभी उसकी मां आ गई और विवाद करने लगी। कोतवाल बैजनाथ सिंह ने बताया कि प्रकरण की जांच की जा रही है। नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
सीओ भोगनीपुर कर रहे जांच
दुर्गदासपुर में चौकी इंचार्ज विवेचना के सिलसिले में गए थे। वहां संदिग्ध शिवम को पकड़ने के दौरान उसकी मां व एक अन्य महिला ने चौकी इंचार्ज से हाथापाई की और कॉलर पकड़ लिया। इसी दौरान महिला के गिरने पर संतुलन खोकर चौकी इंचार्ज भी गिर गए। चौकी इंचार्ज ने महिला से मारपीट नहीं की है। घटना के बाद महिला को बयान के लिए सीओ कार्यालय बुलाया गया था। उसे वापस घर भेज दिया गया है। सीओ भोगनीपुर प्रकरण की जांच कर रहे हैं। उनकी रिपोर्ट के आधार पर दोषियों पर कार्रवाई की जाएगी।
- घनश्याम चौरसिया (एएसपी)
महिला की पिटाई शर्मसार करने वाली
भाजपा की सरकार में मंच से महिलाओं के सम्मान की बात की जाती है। जबकि महिलाओं के साथ बर्ताव दूसरे तरीके का किया जाता है। दुर्गदासपुर की घटना शर्मसार करने वाली है। जिसकी निंदा की जाती है।
- नरेंद्र पाल सिंह मनू, विधानसभा क्षेत्र प्रभारी, सपा
महिला से मारपीट के मामले में अखिलेश यादव ने ट्वीट कर लिखा कि- उप्र में भाजपा सरकार के कृपापात्र बने कुछ पुलिसकर्मियों के दुर्व्यवहार से प्रदेश की समस्त पुलिस की छवि धूमिल होती है। भाजपा के शासन में दुशासन की कमी नहीं। घोर निंदनीय!