आरोप- मरीज को सिर्फ कर्मचारी देखते रहे
वहां बृहस्पतिवार की सुबह इलाज के दौरान मौत हो गई। वहीं, रात को ही मंजीत के परिजन उसको लेकर एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया, जहां इलाज चल रहा है। रसिक लाल ने आरोप लगाया कि रात में ड्यूटी में तैनात डॉक्टर ने उसके बेटे को देखा तक नहीं है, केवल मौजूद कर्मचारी ही देखते रहे। इससे बेटे की मौत हो गई। उसने कई बार पूछा था कि कोई दिक्क्त हो तो रेफर कर दीजिए, लेकिन डाॅक्टर ने रेफर नहीं किया था।
अस्पताल गेट पर शव रखकर हंगामा
आरोप लगाया कि रात में इलाज के बजाय डॉक्टर होली पर रंग खेलने में व्यस्त रहे। सुबह मौत की जानकारी होने पर पूर्व सांसद बाल कुमार पटेल, पूर्व विधायक वीर सिंह पटेल, सपा जिलाध्यक्ष शिव शंकर सिंह यादव, भूपेंद्र सिंह पटेल, बसपा नेता रोहित सिंह पटेल सहित कई नेता जिला अस्पताल पहुंचे और डॉक्टर पर कार्रवाई की मांग को लेकर जिला अस्पताल गेट पर शव रखकर हंगामा करने लगे।
तहरीर के आधार पर की जाएगी कार्रवाई
इसके साथ ही कर्वी से देवांगना रोड भी जाम करने का प्रयास किया, लेकिन पुलिस ने सभी को हटाकर जमा नहीं लगने दिया। सूचना पर एडीएम चंद्रशेखर, एएसपी सत्यपाल सिंह, सीओ अरविंद कुमार वर्मा, सीएमओ डॉ भूपेश द्विवेदी, तहसीलदार चंद्रकांत तिवारी, कोतवाल श्याम प्रताप पटेल सहित भारी संख्या में पुलिस बल पहुंचा। डॉक्टर पर कार्रवाई का आश्वासन देकर धरना प्रदर्शन समाप्त कराया। एएसपी ने बताया कि तहरीर के आधार पर कार्रवाई की जाएगी।