क्या था पूरा मामला
30 जून को सिकरी अमान गांव के पास एक जलती कार से अधजला शव मिला था। शव की हालत इतनी खराब थी कि पहचान मुश्किल थी। हालांकि, रीवा निवासी सुनील सिंह (40) के परिजनों ने उसे सुनील बताकर अंतिम संस्कार कर दिया। पत्नी हेमा ने थाने में बयान देकर कहा था कि सुनील शराब और सिगरेट का आदी था और संभवतः सिगरेट जलाने के दौरान कार में रखा गैस सिलेंडर फट गया होगा। पुलिस को तभी से शक था। शव की स्थिति, कार की बनावट और परिवार की तेजी से पहचान कर लेने की प्रक्रिया ने संदेह पैदा किया। पुलिस अधीक्षक अरुण कुमार सिंह ने साफ कहा था कि फैसला डीएनए रिपोर्ट से होगा।
ऐसे टूटा राज़ का ताला
पुलिस ने जब मामले की तफ्तीश तेज की, तो सर्विलांस की मदद से लोकेशन ट्रैकिंग शुरू की। सोमवार को सुनील को भौंरी के पास उसके साढ़ू के घर से जिंदा पकड़ लिया गया। साथ ही, पत्नी हेमा और कुछ अन्य परिजन भी हिरासत में लिए गए हैं। सूत्रों की मानें, तो सुनील ने बीमे की बड़ी रकम हड़पने के लिए यह साजिश रची थी। करीब ढाई करोड़ रुपये के बीमा का खेल था।
जांच के बाद किया जाएगा पूरा खुलासा
पुलिस को शक है कि किसी नशे के आदी युवक को लालच देकर कार में बैठाया गया और उसे जिंदा जला दिया गया, ताकि उसकी पहचान न हो सके और सुनील की मौत दिखाकर बीमा क्लेम किया जा सके। एसपी चित्रकूट अरुण कुमार सिंह ने बताया कि जिस युवक को मरा हुआ मान लिया गया था, वह जिंदा है। उसके साथ उसकी पत्नी और अन्य साजिशकर्ताओं को भी हिरासत में लिया गया है। विस्तृत खुलासा जांच के बाद किया जाएगा।