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उन्होंने कहा कि आज भाजपा की सरकार है, जो खुद को सनातनी सरकार होने का दावा करती है, लेकिन विडंबना यह है कि इसी शासनकाल में उन्हें धार्मिक कार्यक्रमों में नहीं बुलाया जाता। महंत ने इस पूरी अनदेखी के लिए शासन और प्रशासन की कार्यशैली पर भी गंभीर सवाल उठाए हैं। संत समिति ने मांग की है कि भविष्य में होने वाले सभी धार्मिक और सरकारी आयोजनों में स्थानीय संतों को उचित मान-सम्मान के साथ बुलाया जाए।