खुफिया तरीके से चला ऑपरेशन
यह ऑपरेशन डीआईजी विपिन शुक्ला व एसपी चित्रकूट के अलावा एसआईटी व एसटीएफ की मदद से बेहद खुफिया तरीके से चलाया गया। बांदा जेल में बंद माफिया मुख्तार अंसारी के पैतृक गांव गाजीपुर स्थित मकान में पुलिस टीम पहुंची लेकिन वहां कुछ खास नहीं मिला।
नियाज के भाई के नाम पर 10 लाख की एफडी
इसके बाद उनके चालक गाजीपुर के रेवतीपुर निवासी नियाज अंसारी के घर जांच टीम ने छापा डाला। यहां से एसबीआई की चेकबुक से चार चेक कटी मिलीं। इसका परिजन कोई हिसाब या नाम नहीं बता पाए। नियाज के भाई के नाम दस लाख रुपये की एफडी मिली।
परिजन नहीं दे सके पूरा हिसाब
यह रुपया कहां से आया इसका भी हिसाब नहीं मिला। चार लाख रुपये कैश मिले और यह कैसे घर में हैं, इसका भी परिजनों ने कोई हिसाब नहीं दिया। नियाज के खाते से पांच ऑनलाइन 50 हजार रुपयों का ट्रांजक्शन की पर्ची मिली है। इसकी जांच की जा रही है। इसके अलावा एक नई स्कार्पियो मिली है। इसे कहां से खरीदा गया और रुपया किसने दिया यह सब जांच शुरु कर दी गई है।
नवनीत ने पहुंचाए थे रुपये
प्रापर्टी डीलर नवनीत सचान की गिरफ्तारी मामले में एसपी ने बताया कि रिमांड के दौरान निखत व नियाज समेत पहले पकड़े गए सपा नेता फराज से मिली जानकारी के अनुसार उसे पकड़ा गया है। इसका जेल में कैंटीन में खादय सामग्री सप्लाई का काम होने से आना जाना था। जेल अधिकारियों को डेढ़ लाख रुपये कैश पहुंचाने के आरोप हैं। इसी आधार पर पकड़ा गया है।
यह है मामला
चित्रकूट जिला जेल में 10 फरवरी को डीएम अभिषेक आनंद व एसपी वृंदा शुक्ला ने लखनऊ से मिली सूचना के आधार पर छापा डाला था। वहां से बंदी विधायक अब्बास अंसारी से गैर कानूनी तरीके से मिलते हुए उसकी पत्नी निखत बानो व उसके चालक नियाज को पकड़ा था। उसके कब्जे से विदेशी मुद्रा समेत कई मोबाइल व अन्य सामग्री बरामद हुई थी।
11 फरवरी को दोनों को जेल भेजा गया था। 17 फरवरी को दोनों को पुलिस ने रिमांड पर लिया था। अब दोनों जेल में हैं। इसी बीच 20 फरवरी को मददगार सपा नेता फराज खान व दूसरे नवनीत सचान को 24 फरवरी को पुलिस ने पकड़कर लखनऊ जेल भेजा है। इसी मामले में जेल अधीक्षक, जेलर, डिप्टी जेलर व कई वार्डर कुल 8 लोगों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज है। यह सब निलंबित भी चल रहे हैं।