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Chitrakoot: बलीशाह दाता की मजार में तीन दिवसीय मेला शुरू, हिंदू-मुस्लिम एकता की मिलती है मिसाल

Sat, 14 Jan 2023 05:41 PM IST
शिखा पांडेय न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चित्रकूट
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बलीशाह दाता की मजार - फोटो : अमर उजाला
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चित्रकूट जिले में हिन्दू-मुस्लिम एकता के प्रतीक बलीशाह दाता की मजार पर शनिवार से तीन दिवसीय मेला शुरू हुआ। सैकड़ों गांव के लोगों सहित दूसरे प्रान्तों से लोग दर्शन के लिए मेले में आते हैं। जहां हिन्दू खिचड़ी और मुसलमान चादर व सिन्नी चढ़ाकर साम्प्रदायिक सदभावना का उदाहरण प्रस्तुत करते हैं। लगभग 422 वर्ष पूर्व साईपुर गांव के पहाड़ के उत्तर दिशा में धासा मऊ नाम का गांव था।
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गांव के कुछ दूर में बागे नदी बहती थी। गांव में एक सन्त पुरूष का आगमन हुआ और वो गांव के बाहर नदी किनारे बगीचे में एक कुटिया बनाकर रहकर लोगों की बीमारियों को दूर करने लगे। संत के ज्ञान की बातें और उपदेश से लोगों में भक्ति भावना प्रदत्त होने लगी। इसके चलते क्षेत्रवासी उन्हें चमत्कारी पुरूष मानने लगे।

एक बार सन्त वलीशाह दाता अपने बगीचे में बैठे थे और अल्लाह का ध्यान कर रहे थे। इस दौरान उनके शिष्य बगीचे की देखभाल कर रहे थे। तभी वहां से राजा छत्रसाल अपने बेटे की बारात लेकर गुजर रहे थे जो नदी के किनारे विश्राम करने के मकसद से बरात समेत ठहर गये। इसी दौरान राजा छत्रसाल परसेटा गांव की नर्तकी को लेने चले गये।
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उसी समय कुछ सैनिक बगीचे में पहुंच कर फूलों की मांग करने लगे। जिस पर श्रद्धालुओं ने कहा कि सन्त की पूजा के बाद फूल मिलेंगे। इस पर राजा के सैनिक नाराज हो गए। जबरजस्ती फूल तोड़ने लगे। साथ ही बगीचे को नष्ट कर दिया। तन्द्रा टूटने पर वलीशाह दाता ने बगीचे की हालत देखकर घटनाक्रम की जानकारी ली।

पूरे प्रकरण की जानकारी होने पर नाराज होकर श्राप दे दिया। जिससे पूरी बरात नदी में गर्क हो गयी। वापस लौटने पर एक चरवाहे ने राजा को पूरी कहानी बताई। राजा ने सन्त के पास पहुंचकर उनके चरणों में गिरकर माफी मांगी। जिसके बाद सन्त की कृपा से पूरी बरात नदी के बाहर निकल आयी। सन्त द्वारा पहाड़ के ऊपर ही जिन्दा समाधि ले ली गयी। राजा छत्रसाल द्वारा सीढियां एवं ग्रामीणों द्वारा मजार बनवा दिया गया।

तभी से यह हिन्दू-मुस्लिम एकता और आस्था का प्रतीक हो गया। हर वर्ष मकर संक्रांति से तीन दिवसीय मेले की शुरुआत होती है। उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश, राजस्थान, बिहार, दिल्ली, मुम्बई, अहमदाबाद, गुजरात सहित दर्जनों प्रदेशों से भी लोग अपनी मन्नतें लेकर यहां आते हैं। सुरक्षा व्यवस्था को लेकर थानाध्यक्ष राम सिंह ने बताया कि पूर्व की भांति मेला समिति की मांग पर पर्याप्त पुलिस बल तैनात किया गया है। वह भी समय-समय पर भ्रमण करेंगे।
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