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Chitrakoot: आषाढ़ अमावस्या पर आस्था की भीड़, मंदाकिनी में डुबकी के बाद कामदगिरि की परिक्रमा, मांगी सुख-समृद्धि

Tue, 14 Jul 2026 03:17 PM IST
Himanshu Awasthi न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चित्रकूट

सार

Chitrakoot News: आषाढ़ अमावस्या के पावन अवसर पर धर्मनगरी चित्रकूट में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने मंदाकिनी नदी में आस्था की डुबकी लगाई। रामघाट पर अलसुबह से ही स्नान का दौर शुरू हो गया, जिसके बाद भक्तों ने कामदगिरि पर्वत की परिक्रमा की और विभिन्न मंदिरों में दर्शन कर पुण्य लाभ अर्जित किया
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धर्मनगरी में आषाढ़ अमावस्या - फोटो : amar ujala
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विस्तार
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धर्मनगरी चित्रकूट में आषाढ़ अमावस्या के पावन अवसर पर आस्था की भीड़ उमड़ पड़ी। सुबह-सुबह मंदाकिनी नदी में श्रद्धालुओं ने पवित्र डुबकी लगाकर पुण्य लाभ अर्जित किया। सूर्य देव को अर्घ्य देने के उपरांत पुरोहितों को दान-दक्षिणा दी गई।

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इसके पश्चात, भक्तों ने भगवान मत्तगजेंद्र नाथ और कामता नाथ मंदिर सहित विभिन्न मंदिरों और मठों में जाकर देवी-देवताओं के दर्शन किए और उनका आशीर्वाद प्राप्त किया। कामदगिरि पर्वत की परिक्रमा का सिलसिला भी पूरे दिन जारी रहा, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने भाग लिया। इस दौरान, 'जय श्री राम' और 'जय कामता नाथ' के जयकारे पूरे वातावरण में गूंजते रहे।

आषाढ़ अमावस्या का विशेष महत्व
यद्यपि प्रत्येक मास की अमावस्या पर धर्मनगरी में आस्था का संगम देखने को मिलता है, परंतु आषाढ़ मास की अमावस्या का अपना विशेष महत्व है। इसी महत्ता को ध्यान में रखते हुए, सोमवार की शाम से ही दूर-दराज से श्रद्धालुओं का आगमन प्रारंभ हो गया था। विभिन्न माध्यमों, जैसे रेल, बस और निजी वाहनों से बड़ी संख्या में भक्तजन धर्मनगरी पहुंचे।
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रामघाट पर अलसुबह से स्नान का दौर
रात में धर्मनगरी का रामघाट श्रद्धालुओं से खचाखच भरा हुआ था, जिसका दृश्य अत्यंत मनमोहक था। सुबह चार बजे से ही रामघाट पर स्नान का सिलसिला शुरू हो गया था, जो देर शाम तक अनवरत चलता रहा। भक्तों की अटूट श्रद्धा और भक्ति का यह नजारा एक अविस्मरणीय अनुभव प्रदान कर रहा था।
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