चित्रकूट में आरएसएस की राष्ट्रीय चिंतन बैठक
- फोटो : amar ujala
चित्रकूट में राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ की चार दिवसीय चिंतन बैठक में हुए निर्णयों पर अब अमल की तैयारी शुरू हो गई है। संघ नेतृत्व के जाने के बाद विभिन्न प्रांतों के पदाधिकारी बैठक कर रणनीति बना रहे हैं। कोरोना की तीसरी लहर से निपटने के लिए सितंबर से गांवों में पर जागरूकता अभियान चलाया जाएगा।
मंगलवार को राष्ट्रीय चिंतन बैठक खत्म होने के बाद संघ प्रमुख मोहन भागवत व अन्य प्रमुख पदाधिकारी यहां से जा चुके हैं। इनके बाद बुधवार को दीनदयाल शोध संस्थान परिसर में ही मध्य क्षेत्र छत्तीसगढ़, महाकौशल, मध्य भारत और मालवा प्रांत के संघ पदाधिकारियों की बैठकें हो गई हैं। सूत्रों के मुताबिक बुधवार मध्य प्रदेश इकाई के पदाधिकारियों की बैठक में संघ के पूर्व पदाधिकारी मनमोहन वैद्य भी शामिल हुए।
बैठक में कहा गया कि तीसरी लहर के खतरे से निपटने के लिए संघ के युवा स्वयं सेवकों का प्रशिक्षण अगस्त में पूरा हो जाएगा। सितंबर में उनकी टोलियां गांव और बस्तियों में पहुंचने लगेंगी। इस जागरण अभियान में स्वयं सेवी संस्थाओं को भी शामिल किया जाएगा। संघ सितंबर से सेवा व संगठन विस्तार की मुहिम शुरू करेगा। इसमें तीन लाख गांवों व बस्तियों तक पहुंचकर शाखाओं का संचालन किए जाने की योजना है। इसमें खेल, वंदना, सांस्कृतिक कार्यक्रम और बौद्धिक परिचर्चाएं होंगी।