घर के बाहर मौजूद परिजन और ग्रामीण
- फोटो : amar ujala
40 लाख रुपये की फिरौती मांगी
वहां काम करने वाले इरफान के हेल्पर कल्लू ने आयुष को बाइक सिखाने के बहाने नीचे बुलाया। परिचित होने के कारण आयुष नीचे आया, तो आयुष को बाइक देकर कल्लू उसके पीछे बैठा और वहां से चला गया। रात करीब साढ़े आठ बजे पिता अशोक के मोबाइल पर फोन आया और बताया गया कि आयुष का अपहरण हो गया है और 40 लाख रुपये का इंतजाम कर मऊ-बरगढ़ के बीच घाटी पर पैसा लेकर आना है।
घटनास्थल पर मौजूद पुलिस
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शौचालय की फर्श ताजा बनी मिली
यह सुनकर अशोक दंग रह गए। उन्होंने अपने परिचित व पूर्व प्रधान प्रकाश केसरवानी को बताया, तो इसकी सूचना एसपी चित्रकूट को दी गई। पुलिस पहुंची और छानबीन शुरू हुई, तो आयुष के गायब होने में इरफान व कल्लू का नाम आया। कल्लू के साथ आयुष की सीसीटीवी फुटेज भी आ गई। शंका पर पुलिस ने बक्से की दुकान में जांच शुरू की, तो शौचालय की फर्श ताजा बनी हुई पाई गई। शंका पर फर्श को तोड़ा गया, तो सीट के नीचे आयुष की लाश मिली।
व्यापारियों ने लगाया जाम
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आक्रोशित व्यापारियों ने लगाया जाम
यह देख परिजनों का कलेजा दहल गया। आयुष का रस्सी से गला घोंटा गया था और सीने व चेहरे पर चोट के निशान थे। पुलिस ने इरफान व कल्लू की खोजबीन की और देर रात मुठभेड़ में कल्लू को मार गिराया, जबकि इरफान घायल हो गया। शुक्रवार को घटना की जानकारी से आक्रोशित चित्रकूट व स्थानीय व्यापारियों ने पुलिस पर देर से कार्रवाई शुरू करने का आरोप लगाते हुए बरगढ़ तिराहे पर चक्काजाम किया। डीएम पुलकित गर्ग व एसपी मौके पर पहुंचे और आश्वासन देकर व्यापारियों को शांत किया।