घायलों को अस्पताल में कराया गया भर्ती
अन्य दोनों भाइयों का डॉक्टरों ने इलाज शुरु किया। सूचना पर अन्य परिजनों व ग्रामीणों की भीड़ जमा हो गई। ग्रामीणों ने बोलेरो चालक को पकड़ लिया है। बताया कि वह तीन भाई ध्रुव शिवहरे, देवेंद्र शिवहरे, तीन बहन किरन, सुधा, गायत्री शिवहरे और मां मोहनी शिवहरे हैं। कोतवाल श्याम प्रताप पटेल ने बताया कि सूचना पर तुरंत पुलिस मौके पर पहुंची और घायलों को लेकर अस्पताल में भर्ती कराया है।
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समय पर पहुंच जाती एंबुलेंस तो बच जाती जान
मृतक की मां मोहनी देवी रोते हुए कह रही थी कि अगर समय में एंबुलेंस पहुंच जाती तो शायद बेटे की जान बच जाती। परिजनों ने आरोप लगाया कि एंबुलेंस को फोन करने के बाद समय से नहीं पहुंची है। मां ने कहा कि क्या एंबुलेंस धक्का देकर चल रही थी। अगर समय से मरीजों तक नहीं पहुंच सकती तो क्या फायदा एंबुलेंस चलाने का। वहीं एंबुलेंस के अधिकारियों का कहना है कि फोन आने के तुरंत बाद एंबुलेंस पहुंच गई थी। एक की मौके पर ही मौत हो चुकी थी। एंबुलेंस से ही दो घायलों को जिला अस्पताल लाया गया है।