चीन के लड़ाकू विमान को मार गिराने के बाद चीन-ताइवान की तनातनी चरम पर है। यदि दोनों देशों में तनाव बढ़ता है तो ताइवान से यहां बाजार में आने वाले माल पर असर पड़ सकता है। कानपुर में ताइवान से तमाम तरह की मशीनरी, सिंथेटिक कपड़ा, इंजीनियरिंग उपकरण आते हैं।
टेक्सटाइल इंडस्ट्री में इस्तेमाल होने वाली अधिकतर मशीनें ताइवान से ही आती हैं। ये चीन की मशीनों से क्वालिटी में अच्छी होती हैं जबकि जापानी मशीनों के मुकाबले सस्ती होती हैं। इस वजह से यहां की मशीनों की टेक्सटाइल बाजार में अच्छी मांग है।
निर्यात मामलों के जानकार जफर फिरोज बताते हैं कि ताइवान हाई क्वालिटी फैशन ब्रांड गैप, नाइक, एडिडास, कैल्विन क्लैन, मार्क्स एंड स्पेंसर के लिए भी जाना जाता है। कपड़ों के शौकीन इन ब्रांड को पसंद करते हैं।
इसके अलावा पेट्रोकेमिकल, आटोमोबाइल्स, वायरलेस कम्युनिकेशन, इलेक्ट्रॉनिक आइटम भी ताइवान से आते हैं। कानपुर से चमड़े के उत्पादों का निर्यात भी बहुतायत में होता है। इनमें से सेफ्टी शूज की मांग सबसे ज्यादा है।
सालाना करीब पांच सौ करोड़ के चमड़ा उत्पाद कानपुर से ताइवान पहुंचते हैं। चूंकि चीन से भारत की भी तनातनी चल रही है। इस वजह से ताइवान से आने वाले माल की मांग बढ़ी है। जानकार बताते हैं कि ताइवान युद्ध में फंसता है तो कारोबारी मुश्किलें बढ़ जाएंगी।