इटावा। परिषदीय स्कूलों में विद्यार्थियों की उपस्थिति बढ़ाने के लिए शासन स्तर से लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। इसी क्रम में अब इन स्कूलों में 75 फीसदी उपस्थिति पर बच्चों को सम्मानित किया जाएगा।
बच्चों की उपस्थिति बढ़ाने के लिए विद्यालयों में विभिन्न प्रकार के कार्यक्रम होंगे। महानिदेशक स्कूल शिक्षा ने पत्र भेजकर बीएसए को इस संबंध में निर्देश जारी किए हैं। परिषदीय स्कूलों में बच्चों की उपस्थिति को लेकर हमेशा संकट रहता है। विभाग के तमाम प्रयासों के बाद भी स्कूलों में बच्चों का नामांकन और उपस्थिति नहीं बढ़ रही। इसे देखते हुए बेसिक शिक्षा विभाग ने नई कवायद शुरू की है।
विभाग की तरफ से अब स्कूलों को ‘प्लेस आफ ज्वाॅय’ में बदला जाएगा। इसके तहत बच्चों को खेल, लोकगीत, नाटक, कहानी, नृत्य, निबंध, वाद-विवाद प्रतियोगिता आदि के माध्यम से पढ़ाई की ओर आकर्षित किया जाएगा। बच्चों की शैक्षणिक सफलता के लिए उनका नियमित स्कूल आना अनिवार्य है। नियमित स्कूल न आने से भाषा, गणित बच्चों के लिए सबसे बड़ी बाधक बनती है।
विभाग का मानना है कि शिक्षकों के आत्मीय संबंध, शैक्षिक वातावरण व सामुदायिक सहभागिता से ही बच्चों की उपस्थिति संभव है। बीएसए को भेजे गए पत्र में महानिदेशक स्कूल शिक्षा कंचन वर्मा ने कहा है कि बच्चों की 75 फीसदी उपस्थिति या उससे अधिक का लक्ष्य हासिल करने के लिए अभिभावकों को शिक्षा का महत्व बताया जाए।
उन्हें सरकार की तरफ संचालित योजनाओं मिड-डे मील, यूनिफार्म, जूता-मोजा, स्टेशनरी, बैग आदि के बारे में जानकारी दी जाए। कक्षाओं को रोचक ढंग से सजाया जाए। बच्चों से शिक्षण कार्य कराया जाए। इससे वे रोज स्कूल आने के लिए उत्साहित रहें। बच्चों को जिज्ञासा के अनुसार कहानियां सुनाई जाएं।