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खाना नहीं मिला तो सुबह पांच बजे पैदल घरों को निकले, बोले कचहरी से आ रहा हूं हरदोई जाना है

Fri, 27 Mar 2020 05:48 PM IST
प्रभापुंज मिश्रा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
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कानपुर कचहरी से हरदोई जा रहे तीन बच्चे - फोटो : अमर उजाला
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लॉकडाउन का असर सबसे ज्यादा दिहाड़ी मजदूरों पर पड़ रहा है। काम न मिलने और खाने का इंतजाम न हो पाने के कारण कचहरी से पैदल ही हरदोई अपने घर जाने के लिए मुकेश,विनोद, प्रमोद, रामजी, अनीश निकल पड़े।
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वाहन न मिलने से परेशान होकर कचहरी पर लगने वाली ठेले ,चोगें की दुकान पर काम करने वाले नाबालिग पैदल ही अपने घर जाने के लिए निकल पड़े। मुकेश ने बताया कि वह अपने भईया के साथ कचहरी में झोपड़पट्टी में रहता था।

जब ठेला लगना बंद हो गया तो खाने के लिए परेशानी होने लगी। प्रमोद ने बताया कि चोगें की दुकान पर काम करता था। एक सप्ताह से दुकान बंद है। खुलने का कोई पता नहीं। खाने के लिए जेब में पैसे भी नहीं बचे हैं।
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राजस्थान से बिहार जाने के लिए पैदल निकले4 मजदूर अब तक किया 600 किमी का सफर तय - फोटो : अमर उजाला
जिसकी वजह से हरदोई अपने घर जा रहा हूं। नाबालिग ने बताया कि दो दिन से वाहनों के इंतजार में सड़क पर खड़े हो रहे थे लेकिन नहीं मिला तो अब पैदल ही अपने घर हरदोई  के लिए निकल पड़ा हूं।

दो दिन से नहीं मिला खाना, अब घर जा रहा हूं
नौबस्ता में डेरा डालकर रहने वाले सनी, पंखूनाथ, मुकेश भोजन का इंतजाम न होने की वजह से अपने घर शिवली के लिए निकल पड़े। बताया कि मजदूरी करके अपना पेट भरता था। एक हफ्ते से क्षेत्र के आसपास गांवों में जाकर खाने का इंतजाम कर लेता था।

अब दो दिन से पुलिस कहीं जाने ही नहीं दे रही जिसकी वजह से दो दिन से कुछ खाया भी नहीं है। इसीलिए चोरीछुपे वहां से सुबह 6 बजे निकल आया हूं और पैदल ही घर तक जाऊंगा। 
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